काम नहीं सपा के राज में अपराध बोलता हैः मायावती

बरेली/फिरोजाबाद। यूपी के रण में उतरी मायावती ने शनिवार को बरेली और फिरोजाबाद में रैली को संबोधित किया। रैली को संबोधित करते हुए मायावती ने जमकर विरोधियों पर प्रहार किया। राज्य की सत्ता पर काबिज सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश के कार्यकाल में काम कम और अपराध ज्यादा बोलता है। मायावती ने कहा कि सपा सरकार में जो थोड़े काम हुए हैं, उनमें से ज्यादातर के लिए उनकी सरकार ने ही पहल कर दी थी। इनमें लखनऊ मेट्रो और आगरा-लखनऊ, बलिया एक्सप्रेस वे प्रमुख रूप से है।

मायावती का अखिलेश पर वार यही नहीं रूका आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने बेहद चालाकी से बसपा सरकार की विभिन्न योजनाओं का नाम बदल दिया। जिस समाजवादी पेन्शन योजना का जिक्र सपा करती है, वह पहले महामाया गरीब आर्थिक मददद योजना नाम से थी।

जनता का पैसा चुनाव प्रचार में हुआ खर्च

बसपा अध्यक्ष ने सपा सरकार पर जनता का पैसा अपने प्रचार में खर्च करने का भी आरोप लगाते हुए कहा कि इन पैसों से जनता का हित किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि सपा का कार्यकाल अति निराशाजनक और अति कष्टदायक रहा है। इसलिए चुनाव में सपा को इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गरीबों, किसानों, व्यापारियों, छात्रों, महिलाओं, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों सहित सभी वर्गों की हालत बेहद दयनीय है।

बसपा मुखिया ने एक बार फिर मुलायम सिंह यादव पर पुत्र मोह में शिवपाल यादव को अपमानित करने का आरोप लगाया और कहा कि अखिलेश और शिवपाल गुट एक दूसरे को चुनाव में हराने की कोशिश करेंगे, इसलिए मुसलमानों को सपा के बजाय बसपा को वोट देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूपी में 5 साल तक जंगलराज रहा है।

मायावती ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि उनकी सरकार में किसान परेशान हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने वादे पूरे नहीं किये। लोकसभा चुनाव में हर व्यक्ति के खाते में 15 से 20 लाख रूपए देने की बात कही थी, लेकिन एक रूपया भी किसी के खाते में नहीं आया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने चुनावी वादों का एक चौथाई हिस्सा भी पूरा नहीं किया और जनता का ध्यान बांटने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक और नोटबन्दी जैसा अपरिपक्व फैसला लिया।

मायावती ने कहा कि आज भी देश की गरीब जनता और मजदूर लोग इस चोट से उबर नहीं पाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने नोटबंदी से पहले ही अपनी पार्टी का और वरिष्ठ नेताओं का कालाधन ठिकाने लगवा दिया था। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार आने पर सभी वर्गों का आरक्षण समाप्त कर दिया जायेगा। इसलिए दलितों, ओबीसी और अल्पसंख्यकों का भाजपा को वोट देने का मतलब अपने आरक्षण के खिलाफ वोट देना है। अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारना है। मायावती ने कहा कि जबकि बसपा उच्च वर्ग के गरीबों को आरक्षण देने की भी हिमायती है।

बसपा मुखिया ने कहा कि केन्द्र सरकार में दलित पिछड़े अल्पसंख्यक का अपमान व शोषण हुआ है। जामिया को अल्पसंख्यक का दर्जा नई मिल पाया। ट्रिपल तलाक सिविल कोड के पक्ष में हमारी पार्टी कतई नहीं है। गौरक्षा लव जिहाद के नाम पर अल्पसंख्यक का शोषण अत्याचार किया जा रहस है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में मेनका गांधी के बेटे ने साम्प्रदायिकता फ़ैलाने को कोशिश की, तो जेल भिजवा दिया। मायावती ने कहा कि प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी की सरकार बनने पर विकास के इतने काम होंगे, जिनकी आप ने कल्पना भी नहीं की होगी।