जब अधिवक्ता से मांगी गई 2 करोड़ की रंगदारी, जानिए क्या मामला

मेरठ। भारत सरकार में वित्त मंत्रालय के वकील से मेरठ में 2 करोड़ रूपये की रंगदारी मांगी गयी है। वकील के ऑफिस में मिली चिठ्ठी में उन दो कारोबारियों के नाम दर्ज है जिनके जरिये वसूली होनी है। गृहमंत्रालय और प्रदेश के डीजीपी से शिकायत के बाद मेरठ पुलिस ने इस मामले में जॉच शुरू कर दी है।

मेरठ के सबसे पॉश इलाके साकेत में पुलिस की जीप जिस घर के बाहर खड़ी है…वो बँगला कुँवर विनय सिंह एडवोकेट का है। विनय सिंह वित्त मंत्रालय में सरकारी वकील है। दो दिन पहले जब उनका आफिस खोला गया तो एक चिठ्ठी मिली। यह चिठ्ठी भेजने वाले ने खुद को सट्टाकिंग लिखा है और उन्हें 2 करोड़ रूपये की रंगदारी का इंतजाम करने को कहा है।

चिठ्ठी में कहा गया है कि रंगदारी की रकम मेरठ के ही अभिषेक राजवंशी और अंकित गुप्ता के जरिये रंगदारी मांगने वाले तक पहुंचानी है। रकम न देने की स्थिति में चिठ्ठी में धमकी दी गयी है कि परिवार के किसी सदस्य को बेरहमी से खत्म कर दिया जायेगा। मेरठ पुलिस ने इस चिठ्ठी को जब हल्के में लिया तो विनयसिंह ने अपने मंत्रालय के जरिये केन्द्र के गृहमंत्रालय से शिकायत की। केन्द्र से यूपी के डीजीपी को मिली शिकायत के बाद पुलिस महकमा हरकत में आया है। केस दर्ज करके आरोपियों की तलाश की जा रही है।

मेरठ के डीआईजी के0एस0 इमेनुअल को डीजीपी ने केस के खुलासे की जिम्मेवारी दी है। आईजी के निर्देश के बाद इस केस के खुलासे के लिए क्राइमब्रांच के तेजतर्रार अफसर लगाये गये है। पुलिस का दावा है कि उन्होने आरोपियों के नाम पते वेरीफाई कर लिये है और जल्द ही आरोपी जेल की सलाखों के पीछे होगे।

  शानू भारती, संवाददाता