जानिए: कितनी रही अगस्‍त में औद्योगिक विकास दर 4.3 फीसदी

नई दिल्ली। 12 अक्टूबर (हिस)। अगस्‍त, 2017 में औद्योगिक उत्‍पादन सूचकांक (आईआईपी) 121.5 अंक रहा, जो अगस्‍त, 2016 के मुकाबले 4.3 फीसदी ज्‍यादा है। इसका मतलब यही है कि अगस्‍त, 2017 में औद्योगिक विकास दर 4.3 फीसदी रही। इसी तरह अप्रैल-अगस्‍त, 2017 में औद्योगिक विकास दर पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 2.2 फीसदी आंकी गई है।

industrial growth
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बता दें कि सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्‍वयन मंत्रालय के केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा अगस्‍त, 2017 के लिए जारी किये गये औद्योगिक उत्‍पादन सूचकांक के त्‍वरित आकलन (आधार वर्ष 2011-12=100) से उपर्युक्‍त जानकारी मिली है। 14 स्रोत एजेंसियों से प्राप्‍त आंकड़ों के आधार पर आईआईपी का आकलन किया जाता है। औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी), केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और उर्वरक विभाग भी इन एजेंसियों में शामिल हैं।

अगस्‍त, 2017 में खनन, विनिर्माण (मैन्‍युफैक्‍चरिंग) एवं बिजली क्षेत्रों की उत्‍पादन वृद्धि दर अगस्‍त, 2016 के मुकाबले क्रमश: 9.4 फीसदी, 3.1 फीसदी तथा 8.3 फीसदी रही। इसी तरह अप्रैल-अगस्‍त 2017 में इन तीनों क्षेत्रों यानी सेक्‍टरों की उत्‍पादन वृद्धि दर पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि की तुलना में क्रमश: 3.3, 1.6 तथा 6.2 फीसदी आंकी गई है।

उपयोग आधारित वर्गीकरण के अनुसार अगस्‍त, 2017 में प्राथमिक वस्‍तुओं (प्राइमरी गुड्स), पूंजीगत सामान, मध्‍यवर्ती वस्‍तुओं एवं बुनियादी ढांचागत/निर्माण वस्‍तुओं की उत्‍पादन वृद्धि दर अगस्‍त, 2016 की तुलना में क्रमश: 7.1 फीसदी, 5.4 फीसदी, (-) 0.2 फीसदी और 2.5 फीसदी रही। जहां तक टिकाऊ उपभोक्‍ता सामान का सवाल है, इनकी उत्‍पादन वृद्धि दर अगस्‍त, 2017 में 1.6 फीसदी रही है। वहीं, गैर-टिकाऊ उपभोक्‍ता सामान की उत्‍पादन वृद्धि दर अगस्‍त, 2017 में 6.9 फीसदी रही।

इस दौरान उच्‍च धनात्‍मक उत्‍पादन वृद्धि दर दर्ज करने वाली कुछ महत्‍वपूर्ण वस्‍तुओं में ‘मीटर (बिजली और गैर-बिजली)’ (63.3%), ‘कंटर अपकेंद्रित सहित विभाजक’ (56.6%), पाचन एंजाइम और एंटासिड (पीपीआई दवाओं सहित) (33.7%), ‘पाइप, टयूब एवं इस्पात/लोहे के आवरण’ (27.4%), , ‘धुरा’ (26.0%), ‘टेलीफोन एवं मोबाइल उपकरण’ (23.2%) और ‘फुल क्रीम/टोंड/स्किम्ड दूध’ (22.4%) भी शामिल हैं।

इस दौरान उच्‍च ऋणात्‍मक उत्‍पादन वृद्धि दर दर्ज करने वाली कुछ महत्‍वपूर्ण वस्‍तुओं में मलेरिया रोधी दवा (-) 68.4%, स्‍वर्ण आभूषण ((नगीना जडि़त हो या न हो) (-) 46.0%, प्लास्टिक जार, बोतलें एवं कंटेनर (-) 42.0%, टूथ पेस्ट (-) 39.9%, अन्‍य तम्‍बाकू उत्‍पाद (-) 38.2% और पाम ऑयल रिफाइंड (पामोलीन सहित) (-) 29.3% भी शामिल हैं।