पंजाब में शिकयातों की पार्टी बनी ‘आप’

लुधियाना। पंजाब में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान हो चुके हैं लेकिन आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से प्रदेश के विधानसभा चुनाव के बाद ई.वी.एम. स्ट्रांग रूम में कार्यकर्ता तैनात करने के बाबजूद शिकयतें हैं कि खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामले में आप की ओर से चुनाव आयोग को शिकायत की गई है कि स्ट्रांग रूम की निगरानी में तैनात 15 हजार कार्यकर्ताओं को सर्विलांस सिस्टम से मिली जानकारी के आधार पर की हैं।

‘आप’ ने सर्विलांस सिस्टम से नकदी और शराब बांटने की जानकारी मिलने की बात कही है। पार्टी का यह भी कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी का लैटर हेड चुराया गया और पार्टी के प्रभारी संजय सिंह को मुख्यमंत्री के रूप में दर्शाया गया है। पार्टी के नेता संजय सिंह का कहना है कि बाकि सभी पार्टियों ने चुनाव के दौरान सोशल नेटवर्किंग साइट्स के जरिए चुनाव प्रचार किया था, जिसकी भी जांच होनी चाहिए।

इस मामले की जानकारी देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि चुनावों के दौरान नवांशहर के बरनाला कलां गांव में 10-12 लोग शराब बांट रहे हैं। इसके अलावा लुधियाना की एक फैक्टरी में मजदूरों को मतदान के दिन इसलिए रोककर रखा गया कि वे वोटिंग न कर पाएं। बटाला के गांधी कैम्प में भी रुपए बांटने का आरोप है।

एक नीजि अखबार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक विधानसभा चुनाव 2017 के दौरान आप पार्टी ने सबसे ज्यादा शिकायतें आप पार्टी की ओर से ही की गई थी।