मोबाइल फोन व अन्य समानों पर लगी 10 प्रतिशत सीमा शुल्क

नई दिल्ली। सरकार ने घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए मोबाइल फोन, चार्जर, हेडसेट, बैटरी और यूएसबी केबल पर तत्काल प्रभाव से 10 प्रतिशत साधारण सीमा शुल्क लगाया है। सरकार ने अंतर मंत्रालयी कमेटी का गठन किया था जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, वाणिज्य विभाग, दूरसंचार विभाग और राजस्व विभाग अधिकारी शामिल थे।

इनका काम उन इलेक्ट्रॉनिक, आईटी और दूरसंचार उत्पादों की पहचान करना था जिनपर सीमा शुल्क ड्यूटी बढ़ाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी समझौते नहीं हैं।

सेलुलर मोबाइल फोन और सेलुलर मोबाइल फोन के विशिष्ट भागों जैसे चार्जर, बैटरी, तार हेडसेट, माइक्रोफोन और रिसीवर, की पैड, यूएसबी केबल और कुछ अन्य निर्दिष्ट इलेक्ट्रॉनिक सामान पर आज से सरकार ने 10 प्रतिशत मूल सीमा शुल्क लगाया है।

मोबाइल के विशिष्ट भागों पर मुद्रित सर्किट बोर्ड (पीसीबीए), कैमरा मॉड्यूल, कनेक्टर्स डिस्प्ले विधानसभा, टच पैनल व कवर ग्लास असेमली, थरथानेवाला मोटर व घंटी पर बुनियादी कस्टम ड्यूटी से वर्तमान छूट जारी रहेगी।

इसके अलावा, मोबाइल फोन सहित उपरोक्त विनिर्दिष्ट इलेक्ट्रॉनिक सामानों के निर्माण के लिए इनपुट और कच्चे माल को भी बीसीडी से छूट जारी रहेगी सरकार की मंशा को साफ करते हुए बयान में कहा गया है कि इसका मकसद घरेलू स्तर पर मोबाइल फोन के विनिर्माण को बढ़ावा देना है।

गौरतलब है कि 1 जुलाई से वस्तु एंव सेवा कर लागू हो जाने के बाद मोबाइल सेवाओं के टैक्स में बढ़ोत्तरी कर दी गई हैं।