…शिव भक्ति में डूबा कांवड़ियों का सैलाब

लखनऊ। आस्था के सैलाब में डूबे कांवड़ियों के जत्थे हरिद्वार से जल लेकर अपने गंतव्य की और रूख कर चुके है। शिव भक्त पैदल कंधे पर कांवड़ रखकर हरिद्वार से जल लेकर कई सौ किलोमीटर पैदल चलकर जल लाते है और शिवरात्रि पर गंगाजल से शिवलिंग का जलाभिषेक करते है। शिव भक्त कांवड़ियों के लिए रात में रूकने के लिए जगह-जगह शिविर लगे हुए है।

कांवड़िये इन शिविरों में रूककर अपनी नाच गाकर मस्ती करते हुए दिन भर की थकान मिटा रहे है। शिव भक्तों का कहना है कि अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए वह कांवड़ लेकर आ रहे है और दिन भर की थकान मिटाने के लिए नृत्य कर रहे हैं।

एक अगस्त को शिवरात्रि के पावन पर्व पर भोले भंडारी की पिंडली का जलाभिषेक होगा।