दिमाग को रखना चाहते हैं एक्टिव, ध्यान दें ये बातें

नई दिल्ली। शारीरिक गतिविधियों, जैसे- चलना, तैराकी, नृत्य और जॉगिंग न केवल स्वास्थ्य को बेहतर बनाती हैं, बल्कि ये बुजुर्गो में मस्तिष्क की कार्य प्रणाली को गतिशाील कर याददाश्त को भी तेज कर देती हैं। शोध के निष्कर्षो से पता चला है कि उम्र बढ़ने पर स्मृति और मस्तिष्क की गतिविधियों में परिवर्तन अधिकांश व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य स्तर पर निर्भर करता है।

 

शोध के दौरान पता चला कि जिन प्रतिभागियों का फिटनेस स्तर कम रहा, उनकी तुलना में व्यायाम करने वाले प्रतिभागियों का हृदय का फिटनेस स्तर बेहतर मिला, जिससे उनकी स्मरणशक्ति और मस्तिष्क गतिविधियों में भी सुधार हुआ। अमेरिका स्थित बॉस्टन यूनिवर्सिटी के सहायक प्राध्यापक स्कॉट हेयस ने बताया, “उम्र की परवाह किए बिना शारीरिक अभ्यास केवल शारीरिक स्वास्थ्य कारकों में ही नहीं, बल्कि स्मरणशक्ति और मस्तिस्क की कार्य प्रणाली को बेहतर करने में भी योगदान करता है।”

इस शोध के लिए 18 से 31 वर्ष के स्वस्थ युवा और 55 से 74 वर्ष के बुजुर्गो का चयन किया गया था। प्रतिभागियों द्वारा ट्रेडमिल पर चलने और जॉगिंग करने के दौरान शोधकर्ताओं ने उनका कार्डियोरेस्पिरेटरी फिटनेस का आकलन किया। कार्डियोरेस्पिरेटरी फिटनेस (सीआरएफ) के परीक्षण में अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों ने अन्य प्रतिभागियों की तुलना में स्मृति संबंधी कार्यो में बेहतर परिणाम दिया। यह शोध ‘कॉर्टेक्स’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।