अगर गर्भधारण में हो रही है दिक्कत तो जाने कुछ खास टिप्स

नई दिल्ली। घर के आंगन में नन्हें-मुन्हें की किलकारी गूंजे तो घर घर लगता है। बच्चे सभी को अच्छे लगते हैं, एक औरत के लिए मां बनना सबसे महत्वपूर्ण होता है। कहा जाता है कि जब तक औरत मां ना बने तब तक वो पूर्ण स्त्री नहीं बन पाती है। लेकिन कई बार कई महिलाओं को गर्भाधारण में दिक्कते आती है। कुछ महिलाएं अपनी आदतों और कंडीशन के लगते चाह कर भी प्रेग्रेन्सी बचा नहीं पाती हैं। लेकिन अगर आप गर्भधारण करना चाहती हैं तो आपको कुछ बदलाओं के साथ इसकी कोशिश करनी चाहिए।

गर्भाधारण के पहले लें डॉक्टर से परामर्श
डॉक्टरों की माने तो गर्भाधारण की सही उम्र 18 से 28 होती है। इस उम्र में महिलाओं की अगर शादी हो जाए तो उनके गर्भधारण की संभावना काफी ज्यादा रहती है। इस उम्र में फर्टिलाइजेन भी ज्यादा होता है। 30 की उम्र पार करने वाली महिला को कभी कभी गर्भाधारण में दिक्कतें हो जाती है। 35 साल की उम्र के पार 50 फीसदी चांस कम हो जाते हैं। अगर आप जल्दी प्रेग्रेंट होना चाहती हैं तो शादी के बाद सही समय का चुनाव करें। इसके साथ ही अपनी फर्टिलिटी को चेक कराएं अगर दिक्कत हो तो पहले इलाज कराएं फिर गर्भाधारण का प्रयास करें।

मासिक चक्र और ऑवुलेशन पीरियड का रखें ध्यान
गर्भाधारण के लिए आपका मासिक चक्र पहले नियमित होना चाहिए। अगर आपके पीरियड्स सही वक्त पर नहीं आ रहे हैं तो पहले आप डॉक्टर से परामर्श लें। इसके साथ ही आपको अपने ऑवुलेशन पीरियड का भी ध्यान रखना चाहिए । डॉक्टरों का कहना है कि इस पीरियड में कंसीव करने के चांस 60 से 70 फीसदी तक बढ़ जाते हैं। इसके साथ ही इस पीरियड के बारे में आप अपने मासिक चक्र के ठीक 2 हफ्ते पहले के समय को ऑवुलेशन पीरियड कह सकते हैं लेकिन इसका सही समय जानने के लिए आपको अपना मासिक चक्र नियमित करना पड़ेगा।

पहली प्रेग्रेंसी को ना करें अबार्ट
अक्सर नवविवाहित जोड़ा अपनी शादीशुदा जिन्दगी में जल्दी ही कोई जिम्मेदारी उठाना नहीं चाहता । जिसके चलते वो कई तरह के गर्भ निरोधों का प्रयोग करते हैं लेकिन कभी असावधानी की वहज से अनचाहा गर्भधारण हो जाता है। ऐसे में अपनी पहली प्रेग्रेंसी को अक्सर अबार्ट करा देते हैं। जिसके बाद अक्सर गर्भाधारण के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि पहली प्रेग्रेंसी ही महिलाओं में फर्टिलाइजेशन को मजबूत करती है।

वजन पर कंट्रोल करने के साथ लें सेहतमंद आहार
अक्सर आपके शरीर का वजन भी आपकी प्रेग्नेंसी को बाधित कर देता है। मोटापे की वजह से फेलोपियन ट्यूब और ओवरी का मुंह बंद हो जाता है। इसके साथ ही मोटापे की वजह से कई महिलाओं की बच्चेदानी में सिस्ट आ जाते हैं। इसलिए कंसीव करने के लिए आपके अपने शरीर के वजन पर भी कंट्रोल रखना होगा। आपको अपने आहार और भोजन में भी विशेष ध्यान देना चाहिए। सेहतमंद आहार लेने के साथ आयरन और केल्शियन का सेवन जरूर करना चाहिए। क्योंकि इससे आपके शरीर में फर्टिलाइजेशन के चांस बढ़ते हैं।

शराब और सिगरेट को कहें ना
जिन महिलाओं को सिगरेट और शराब की लत होती है उन्हें भी अक्सर गर्भधारण करने में समस्या आती है। देखा गया है और चिकित्सक बताते हैं कि सिगरेट और शराब का सेवन प्रजनन क्षमता को घटाता है इसके साथ ही वह आपके ऑवुलेशन सर्किल पर भी असर डालता है। इसका अत्याधिक सेवन आपकी प्रजनन क्षमता को खत्म कर देता है। अगर आप कंसीव करने की सोच रही हैं तो आपको इसका सेवन कम करना औऱ कंसीव होने के 1 साल पहले तो बंद कर देना होगा। इसके साथ ही चिकित्सक से परामर्श लेकर अपनी फर्टिलिटी को चेक कराना होगा।

गर्भ निरोधक दवाओं के साथ लुब्रिकेंट्स को कहें ना
अब आपने कंसीव करने का मन बना लिया है तो आप करीब 1 साल पहले ही पहले से प्रयोग किए जा रहे गर्भ निरोधों का प्रयोग बंद कर दें। क्योंकि इसके तहत ली जा रही दवाओं और इंजेक्शन का आपकी ऑवुलेशन प्रक्रिया पर गहरा असर पड़ता है। इसलिए ऑवुलेशन प्रक्रिया नार्मल करने के लिए आपको पहले से प्रयोग किए जा रहे गर्भ निरोधकों का इस्तेमाल बंद करना होगा। इसके साथ ही अपनी सेक्सुवल लाइल में आनंद पाने के लिए प्रयोग कर रहे लुब्रिकेंट्स का भी आप कंसीव करने के दौरान बनाने वाले संबंधों में बंद कर दें। क्योंकि देखा गया है कि अक्सर ये लुब्रिकेंट्स आपके स्पर्म को ओवरी तक नहीं पहुंचने देते । इससे महिलाओं में कंसीव करने की संभावना कम होती जाती है।