‘मानवाधिकारों की रक्षा मानव ही कर सकता है, कानून नहीं’

जयपुर। राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश टाटिया ने कहा है कि मानवाधिकारों की रक्षा कानून नही, मानव ही कर सकता है। जस्टिस टाटिया बुधवार को राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित हो रही तीन दिवसीय मानवाधिकार विषय पर एक सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अनुशासित बल का सदस्य होने के नाते कानून को अनुशासित रुप में लागू करने तथा अपने कर्तव्यों का निर्वहन कानूनी दायरे में रह कर करने की बात कही। जस्टिस टाटिया ने बताया कि पुलिस अधिकारी के अच्छे व्यवहार से मानवाधिकार संरक्षण का सकारात्मक पक्ष परिलक्षित होता है।

कार्यक्रम की शुरूआत में प्रदेश पुलिस अकादमी के निदेशक राजीव दासोत ने वहां मौजूद सभी लोगों का स्वागत किया कि वे यह प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद मानवाधिकार विषय पर अपने जिलों तथा यूनिटों में प्रशिक्षक के रुप में कार्य करें तथा पुलिस अधिकारियों को मानवाधिकार संरक्षण के विभिन्न पक्षों की जानकारी दें। दासोत ने इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण की जानकारी देते हुए बताया कि कोर्स को इस तरह से डिजाईन किया गया है जिससे मानवाधिकार विषय की विस्तृत जानकारी मिले तथा पुलिस अधिकारी इस विषय से संबंधित सैद्धान्तिक तथा व्यवहारिक पक्षों को समझ कर अपने कर्तव्य का भली प्रकार निर्वहन कर सकें।

राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित इस तीन दिवसीय मानवाधिकार विषय पर ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स कार्यशाला में राजस्थान के विभिन्न जिलों व यूनिटों के 35 पुलिस अधिकारी भाग ले रहे है, जो प्रशिक्षण समाप्ति के बाद मानवाधिकार विषय पर अपने जिलों तथा यूनिटों में प्रशिक्षकों का कार्य करेंगें।