शिमला में सैलानियों की बढ़ती संख्या के कारण पैक हुए होटल, सड़कों पर लगा जाम

शिमला। शिमला को घुमने की सबसे खूबसूरत जगह माना जाता है। जहां पर्यटक सीजन में एकाएक सैलानियों की आवाजाही बढ़ने से शिमला के होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस और धर्मशालाएं पैक हो गई हैं। शिमला से सटे पर्यटक स्थलों कुफरी, नारकंडा और चायल में भी होटल और गेस्ट हाउस पर्यटकों से भर गए। स्थिति यह हो गई है कि बिना बुकिंग के शिमला का रुख करने बाले पर्यटकों को होटलों में कमरे मिलने में बड़ी कठिनाई हो रही है। बीते एक हफ्ते से शिमला पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है।

बता दें कि इस वीकएन्ड पर पर्यटकों की संख्या और अधिक बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि सोमवार को ईद का अवकाश है। शुक्रवार सुबह से ही पर्यटक वाहनों का शिमला पहुंचना शुरू हो गया था और दिन बढ़ते ही सभी पार्किंग फुल हो गई। जब वहां ज्यादा संख्या में वहां सैलानी पहुंचे तो वहां वाहन खड़े करने की जगह कम पड़ गई।

इतना ही नहीं सैलानियों की संख्या बढ़ने से किक्रेंग से संकट मोचन के पास शिमला-कालका हाईवे पर से ट्रैफिक जाम लग गया। शहर के अंदरूनी सड़क मार्गों पर भी जाम के हालात हैं। नये बस अड्डे से पुराने बस अड्डे पहुंचने के लिए एक से दो घंटे का समय लग रहा है। इतना ही नहीं शिमला के माल रोड पर ढाबों और रेस्तरां में खाने के लिए पर्यटकों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।

शिमला होटलियर संघ के प्रधान हरनाम सिंह कुकरेजा ने बताया कि होटलों में ऑक्यूपेंसी शत प्रतिशत पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि आधिकारिक तौर पर पर्यटक सीजन 30 जून तक रहता है। इसके बाद पर्यटकों की संख्या में कमी आनी शुरू हो जाती है। शिमला में 30 जून से पहले यहां इतने सैलानी आते हैं कि यहां रहने की जगह कम पड़ जाती है और लोगों को रहने की जगह नहीं मिल पाती। लेकिन 30 जून के बाद यहां भीड़ कम हो जाती है।