हनी ट्रेपिंग मामला: कई नेताओं को शिकार बना चुकी है ये महिला

मुजफ्फरनगर। गुजरात के वलसाड़ से भाजपा सांसद डॉ केसी पटेल को हनी ट्रैप में फंसाने वाली युवती मुजफ्फरनगर की रहने वाली है। सांसद के साथ आपत्तिजनक वीडियो बनाकर सात करोड़ रुपये मांगने का मामला उसके खिलाफ दिल्ली में दर्ज कराया गया है। नार्थ एवेन्यू पुलिस युवती के बारे में तहकीकात करने में जुटी हुई है।

अब तक हुई कार्रवाई में ये बात निकलकर सामने आई है कि युवती अमीर बनने की महत्वाकांक्षा में कई बड़े नेताओं के संपर्क में थी। बता दें कि पिछले दिनों उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत पर यौन शोषण के आरोप लगाकर युवती चर्चाओं में आई थी। राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते गांव में दो बार ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं पाई।

गुजरात के वलसाड़ से भाजपा सांसद केसी पटेल ने 28 अप्रैल को नॉर्थ एवेन्यू थाने में युवती के खिलाफ मामला दर्ज कराया कि उसने अपने फ्लैट पर चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें बेहोश किया और आपत्तिजनक वीडियो और फोटोग्राफ तैयार किए। बाद में युवती ने इसके बदले सात करोड़ रुपये की डिमांड की। मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने युवती को इंदिरापुरम स्थित उसके फ्लैट से गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट में पेश करने के बाद युवती से पूछताछ के लिए पुलिस ने पांच दिन का रिमांड लिया है।

दिल्ली पुलिस की बुधवार को एक टीम भी यहां पहुंची और युवती के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस एक-दो दिन में उसे मुजफ्फरनगर लेकर आएगी। पुलिस युवती के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है कि वह किन-किन बड़े लोगों के संपर्क में थी। उसके बैंक खाते भी खंगाले जा रहे हैं।

कहां से आया पैसा

युवती के बारे में जानकारी मिली है कि उसने अपने फ्लैट में हिडेन कैमरा लगाया हुआ था, वह बड़े नेताओं को अपने जाल में फंसाती थी। सांसद डॉ केसी पटेल से भी मिली। सांसद को उसने खुद का परिचय सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता के रूप में दिया। बाद में सांसद उसके फ्लैट पर गए, जिस दौरान उनकी सीडी तैयार की गई। सीडी के बदले सांसद से सात करोड़ रुपये मांगे गए।

पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि उत्तराखंड में पिछले दिनों हरक सिंह रावत पर यौन शोषण के आरोप लगाने वाली भी यही युवती थी। इसने हरियाणा के राज्यसभा सांसद शादीलाल बत्रा को भी ब्लैकमेल किया था। सांसद के खिलाफ तिलकमार्ग थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया गया था। बाद में डीलिंग होने के बाद कोर्ट में युवती अपने बयानों से पलट गई। गत विधानसभा चुनावों में भी युवती ने विधानसभा का टिकट मांगा था। इस दौरान वह भाजपा के एक नेता से भी मिली थी। बाद में उसे टिकट से इंकार कर दिया गया।

अमीर बनने की महत्वाकांक्षा

युवती के परिवार में माता-पिता के अलावा एक भाई भी है। पहले यह पुरकाजी ब्लाक के एक गांव में रहते थे। बाद में शहर कोतवाली के एक गांव में घर बनाकर रहने लगे। उनकी माली हालत अच्छी नहीं है। उनके पास खेती की जमीन भी नहीं है। वह बीच-बीच में सफारी गाड़ी से गांव आती थी। पुलिस की छानबीन में पता चला कि वह अधिवक्ता नहीं है। वह लोगों पर सुप्रीम कोर्ट की वकील होने का रौब गांठती थी।

युवती की राजनीतिक महत्वाकांक्षा भी थी। इसी के चलते वह दो बार ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ी और हार गई। एक बार 42 और दूसरी बार उसे महज 70 वोट मिले थे।

 गुलफाम अहमद, संवाददाता