पाकिस्तानी लड़कियों का जबरन धर्मांतरण कराने पर करांची में विरोध प्रदर्शन

करांची। पाक के सिंध प्रांत में पाकिस्तानी हिन्दुओं ने जबरदस्ती हिंदू लड़कियों को धर्मांतरण कराने पर विरोध प्रदर्शन किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर करने और अपहरण के खिलाफ करांची प्रेस क्लब के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए अपहृत रवीता मेघवार को छोड़ने की मांग की साथ ही जबरदस्ती धर्म परिवर्तन बिल को वापस लाने की भी मांग की।

बता दें कि ताजा मामला, नाबालिग हिन्दू लड़की रविता मेघवार का है जो कि पाकिस्तान के सिंध के थार जिले की रहने वाली है। उसे उसके पास के गांव वनहारो से सैयद समुदाय के लोगों ने 16 वर्षीय रविता मेघवार को कथित तौर पर छह जून को अगवा कर लिया था और फिर उसका धर्म परिवर्तन करके रविता से दुगनी उम्र वाले नवाज अली शाह नामक युवक (36 साल) से निकाह करा दिया। इससे इलाके के हिंदू समुदाय में खासा आक्रोश है।मामले ने जब 16 जून को तूल पकड़ा तब पाकिस्तान के एक्सप्रेस ट्रिब्यून के पत्रकार बिलाल फारूकी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर 16 साल की हिन्दू लड़की रविता को अगवा करने और जबरन मुस्लिम बनाकर शादी किए जाने की खबर पोस्ट की।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट राजकुमार ने कहा कि रविता को छह जून को अगवा करने के तुरन्त बाद इस्लाम कबूल कराया गया और उसका नाम गुलनाज रखा गया। उसी दिन उसकी शादी नवाज अली शाह नामक व्यक्ति से करा दी गई। रविता मेघवार के परिवार वालों का कहना है कि नवाज अली शाह ने उनकी बेटी को अगवा किया था। रविता के पिता सतराम ने कहा ”मेरी बेटी को मेरे घर से अगवा किया और उससे दोगुने उम्र के व्यक्ति से उसकी जबरन शादी करा दी गयी।” सतराम ने नानो डंडाल पुलिस स्टेशन पर इस मामले की एफआईआर दर्ज कराई है।

पाकिस्तान के सिंध में रहने वाले हिन्दुओं के विरोध प्रदर्शन के बाद सिंध उच्च न्यायालय ने बीते सोमवार को पुलिस को रविता मेघवार को न्यायलय के सामने लाने का आदेश दिया था। पाकिस्तान हिंदू कौंसिल ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले पर सुओ मोटो (Suo Moto) नोटिस के लिए अपील की है ताकि इस तरह के जबरदस्ती धर्म परिवर्तन पर रोक लग सके।

लड़की के पिता, सताराम ऊर्फ सतियो मेघवार ने वकील भगवदास के माध्यम से दायर अपनी याचिका में अदालत से कहा था कि उनकी बेटी जो 16 साल की थी का अवैध रूप और जबरदस्ती एक मुस्लिम व्यक्ति से शादी करा दिया गया था। हिन्दू लड़की और उसके पिता ने दोनों के लिए सुरक्षा की मांग की है।
देखा जाए तो पाकिस्तान में हिंदुओं का शोषण कोई नई बात नहीं है लेकिन, बीते कुछ दिनों में अल्पसंख्यक हिंदू लड़कियों को इस्लाम में धर्मांतरित करने के मामले ज्यादा होने लगे हैं। दुनिया पाकिस्तान के हिंदू विरोधी चरित्र को पहचानती है लेकिन पाकिस्तान की सड़कों पर हिंदुओं का ये गुस्सा इसलिए भड़का है क्योंकि पिछले कुछ दिनों में हिंदुओं पर हमले की घटनाएं बढ़ गई हैं।