हाईकोर्ट ने रद्द किया गुर्जर जाति को मिलने वाले आरक्षण

जयपुर। शुक्रवार को राजस्थान हाईकोर्ट ने गुर्जर समेत 5 जातिय़ों को विशेष पिछड़ा वर्ग कानून के तहत मिलने वाले 5 प्रतिशत आरक्षण को खत्म करने के लिए कहा है। हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद गुर्जर समुदाय के लोगों में रोष है और वो एक बार फिर आंदोलन की तैयारियों में जुट गए है। शुक्रवार को कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए इस यह फैसला सुनाया।

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संविधान का हवाला देकर दायर की गई याचिका

हाईकोर्ट में दायर याचिका में भारतीय संविधान का हवाला देते हुए कहा गया था कि संविधान में आरक्षण की सीमा 50 फीसदी है लेकिन नए कानून से आरक्षण की सीमा पार हो जाती है। बता दें कि राज्य सरकार ने साल 2008 में पहली बार विशेष पिछड़ा वर्ग की नई श्रेणी बनाते हुए गुर्जरों को 5 फीसदी आरक्षण दिया था। केंद्र सरकार के इस ऐलान के बाद राज्य में आरक्षण की सीमा 49 प्रतिशत से बढ़कर 54 प्रतिशत हो गई, जो कि संविधान के विरूद्ध जाती है।

दोबारा करेंगे आंदोलन

मीडिया से मुखातिब होते हुए गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह का कहना था कि अब गुर्जर राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे। यह लड़ाई एक नए सिरे से दोबारा लड़ी जाएगी।