हाईकोर्ट ने होमियोपैथिक कालेजों में बहाली का ब्यौरा प्रस्तुत करने दिया निर्देश

पटना। पटना हाईकोर्ट ने बिहार के यूनानी-आयुर्वेदिक तथा होमियोपैथिक कालेजों में बहाली से सम्बंधित की जा रही कार्रवाई के बारे में दो सप्ताह के अन्दर न्यायालय में ब्यौरा उपलब्ध कराने का सरकार को निर्देश दिया है। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश हेमंत गुप्ता तथा न्यायाधीश सुधीर सिंह की खण्डपीठ ने एक लोकहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।

मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि वर्ष 2002 से राज्य में राजकीय यूनानी-आयुर्वेदिक तथा होमियोपैथिक कालेजों में कोई बहाली नहीं की गयी है। वर्तमान में इन कालेजों में मात्र 6 शिक्षक ही कार्यरत हैं जिससे पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। याचिका में यह भी बताया गया है कि इन महाविद्यालयों में वर्ष 2002 में कुल 28 पद रिक्त थे जो बढ़कर वर्तमान समय में 116 हो गये है।

स्वास्थ्य विभाग के प्रधन सचिव आर.के. महाजन ने सुवाई के दौरान अदालत को बताया कि राज्य सरकार के नियुक्ति के प्रावधनों में कई प्रकार की जटिलताएं हैं जिसमें संशोधन करने की योजना बनायी जा रही है। संशोधन कर कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के लिए बिहार लोक सेवा आयोग को भेज दिया जायेगा।

अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वे दो सप्ताह के भीतर सभी प्रक्रियाओं को पूरा कर नियुक्ति करने से सम्बंधित पूर्ण ब्यौरा अदालत में प्रस्तुत करें। मामले की सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।