मेरठ में गर्मी का कहर

मेरठ में भी भीषण गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। तपती दोपहरी व बढते पारे लोगो का सडको पर निकलना कम कर दिया है सुबह को सूरज उगने के साथ ही चिल-चिलाती धूप निकलनी शुरू हो जाती है दस बजे तक ही सड़के गर्म होकर आग उगलना शुरू कर देती है ऐसे काम काजी लोगो को गर्मी की मार झेलनी पड रही है। अगर थोडा बहुत आसरा है तो देसी शीतल पेय का जिसे पीकर लोग गर्मी से जीत पाने की कोशिश कर रहे है।

प्रकर्ति के इस कहर का सीधा-सीधा प्रकोप सामाजिक गतिविधियों पर भी पड़ना लाजमी है। दिन में 11 बजते ही सडको पर आवा जाही को मानो ब्रेकसा लग जाता है बहुत मज़बूरी में ही आदमी इन दिनों सडको पर निकल रहा है। जब कि अभी जून महीने की शुरूआत ही है, दिन में 12 बजे से ले कर शाम के 5 बजे तक मेरठ के बाजारों में आज कल जैसे अघोषित कर्फ्यू सा लग गया हो। लेकिन कारोबार तो करना ही है इसलिए मज़बूरी वश दुकानदार दुकान खोल कर पंखे की हवा की तपस झेलते हुए ग्राहक का इन्तजार करता है।

आज कल जिसके भी मुंह से सुनो तो उसका ब0स यही कहना है कि सूर्य देवता ने अपना पूरा जल्वा दिखा रखा है और इन्द्र देवता भी मानो नाराज चल रहे है सडको पर मानो गर्मी की वजह से कर्फ्यू लगा हुआ है।सूरज के पारे के आगे सब लाचार, बच्‍चे-बूढ़े हुए बीमार आज सूरज के तेवर 44 डिग्री के पास पहुंच गया है। दिन में उमस और लू के थपेड़ों ने लोगों के हाल बेहाल कर रखा है। ऐसे में लोग घर से बाहर निकलने से डर रहे है क्योंकि सड़क पर आते ही सूरज के प्रकोप से बचपाना मुश्किल है। उमस और लू से बच्चों और बड़ों को डिहाइड्रेशन, वायरल और त्वचा सम्बन्धी रोगों ने घेर रखा है।
गर्म हंवाओं के कारण बीमार लोगो कि संख्या अचानक दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। बच्चों को इस समय उल्टी, दस्त और वायरल ने बुरी तरह से घेर रखा है। डॉक्‍टरों की सलाह है कि बच्‍चों को ज्‍यादा से ज्‍यादा पानी पिलाएं और बहुत ही जरूरी काम हो तो ही बहार निकले |

प्रयावरण संतुलन से छेड़-छाड़ का नतीजा है कि मौसम में आऐ दिन अजीबो गरीब बदलाव देखने को मिल रहे है अगर जाड़ो में मेरठ का पारा 0 डिग्री तक लुडक कर चौंकाया है, तो जून महीने की शुरआत में ही वो पारा चालीस से ऊपर पहुच कर आने वाली स्थिति का अभी से आभास करा दिया है |