प्रदेश में स्वास्थ्य परियोजनाओं की समीक्षा की गई

जयपुर। प्रदेश में पहले के मुकाबले लोगों में संक्रमण और बीमारियों कम हो रही हैं। चिकित्सालयों में आने वाले सीजनल बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया, बुखार आदि के मामलों में भई कमी आई है। आईडीएसपी इकाइयों को रोग संक्रमण की सभी स्थितियों पर नजर रखने और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सारी व्यवस्थाओं को देखने के निर्देश दिए गए हैं।


मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन नवीन जैन की अध्यक्षता में गुरुवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गयी। उन्होंने समेकित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (आईडीएसपी) एवंज जलजनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की उपलब्धियों एवं संचालित गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। बैठक में जानकारी मिली इसवर्ष सबसे ज्यादा मलेरिया प्रभावित जिलों में पीएफ कैसेज प्रतापगढ़ (411), उदयपुर (155), बारां (60), कोटा (59) एवं पीवी मलेरिया के उदयपुर में (1015), भरतपुर (893), बांसवाड़ा (588) कैसेज रहे हैं। पिछले माह के 1064 कैसेज के मुकाबले इस माह 288 मलेरिया के केसेज प्रदेशभर में दर्ज किये गये हैं।
इस वर्ष डेंगू के पॉजीटिव कुल 3880 कैसेज में से 16 मृत्यु दर्ज की गयी एवं चिकनगुनिया के 2053 कैसेज में से कोई मौत नही हुई। अधिक डेगूं प्रभावित जोधपुर में 1423, कोटा में 746, जयपुर में 544 एवं भरतपुर में 483 कैसेज दर्ज किये गये। चिकिनगुनिया से जयपुर 1088, जोधपुर 381, कोटा 293 एवं भरतपुर 121 कैसेज के साथ अधिक प्रभावित रहा। मिशन निदेषक ने बताया कि स्वाइन फ्लू संक्रमण की रोकथाम एवं उपचार की विषेष व्यवस्थाएं की गयी हैं। सभी 6 मेडिकल कॉलेज चिकित्सालयों में स्वाईन फ्लू प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं एवं जनजागरूकता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देष हैं।
मिशन निदेशक ने राष्ट्रीय कार्यक्रमों में संविदाआधार पर कार्यरत कार्मिक जो मूल पदस्थापन के विरूद्ध अन्यंत्र लगे हैं उन्हें अविलंब डेपूटेशन रद्ध कर उनके मूल पदस्थापन पर भिजवाने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये।