नहीं हुआ उम्मीदवारी का ऐलान लेकिन प्रचार में जुट गये राजनेता

रूड़की। निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही पूरे प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई है। साथ ही तारीखों का ऐलान होने के साथ-साथ सभी पार्टियों ने चुनावी दंगल में हिस्सा लेने के लिये कमर कस ली है।

राजनेता अब एक ओर जहाँ अपनी-अपनी राजनीतिक पार्टियों से टिकट हासिल करने के लिये दिल्ली से देहरादून तक कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाह रहे है वही दूसरी ओर कुछ ऐसे भी नेता ऐसे भी जो टिकट मिलने को लेकर इतने आश्वस्त हैं कि उन्होंने इसके लिए घर-घर जाकर प्रचार करना भी शुरू कर दिया है।

रणभेरी बजते ही ऐसा ही मंज़र देखने को मिला है रुड़की विधानसभा में जहां पर भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन ने चुनावी पिच पर अपने आप को ऐसे उतार दिया है मानो भाजपा से टिकट उनको मिल गया हो और बस अब घोषणा भर बाकी हो,रुड़की के मुख्य सिविल लाइंस बाज़ार से उन्होंने व्यपारियों से दुकानों में जाकर मुलाक़ात करने के सिलसिले की शुरूआत कर दी। पूर्व विधायक का साफतौर पर कहना था कि भाजपा से उनको टिकट मिलना तय है और वो इस मुकाबले को जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं इसलिये तैयारी कर रहे हैं।

बता दें कि रुड़की उत्तराखंड की वही विधानसभा है जहां 2012 में कांग्रेस के टिकट पर प्रदीप बत्रा भाजपा के सुरेश चंद जैन को हराकर विधायक चुने गए थे। लेकिन उत्तराखंड की राजनीति में पिछले साल आय भूचाल ने रुड़की विधानसभा का सारा राजनितिक ताम-झाम ही बदल डाला। शुक्रवार को रुड़की विधानसभा से भाजपा का टिकट हासिल करने के लिये दो बार के भाजपा विधायक सुरेश जैन को बागी विधायक प्रदीप बत्रा से ही अपनी पार्टी में टिकट को लेकर कड़ी चुनोती मिल रही है।

बहरहाल ये तो अगले कुछ दिनों में तय होगा की रुड़की से भाजपा का उम्मीदवार कौन होगा लेकिन पूर्व विधायक जैन न केवल टिकट अपना मान कर चल रहे है बल्कि पूरे जोश के साथ जनसंपर्क अभियान शुरू करके अपने विरोधी पर बढ़त लेने की कोशिश भी शुरू कर दी है।

 शकील अनवर, संवाददाता