गुरु पूर्णिमा नौ को, मंदिरों में तैयारियां शुरू

रांची। नौ जुलाई को गुरु पूर्णिमा है। इस दिन का खास महत्व है। सभी अपने अपने गुरु की पूजा करेंगे। धार्मिक गुरु, शिक्षक और कला के गुरुओं की पूजा होगी। मंदिर के अलावा घरों पर भी विशेष पूजा होगी। अल्बर्ट एक्का चौक स्थित दुर्गाबाटी में बंगाली समुदाय के लोग सामूहिक रूप से पूजा करेंगे।

अषाण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रुप में पूरे देश में उत्साह के साथ मनाया जाता है भारतवर्ष में कई विद्मान गुरु हुए हैं किन्तु महर्षि वेद व्यास प्रथम विद्मान थे जिन्होंने सनातन धर्म के चारों वेदों की व्य़ाख्या की थी सिख धर्म केवल एक ईश्वर और अपने दस गुरुओं की वाणी को ही जीवन का वास्तविक सत्य मानता है सिख धर्म की एक प्रचलित कहावत निम्न है।

घर में सत्यनारायण भगवान की पूजा और कथा होगी। इसके बाद पवित्र सावन माह 10 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस दिन सोमवार है। इससे भक्तों में ज्यादा उत्साह है। पूजा की तैयारियां शुरू हो गई है। इस बार सावन में पांच सोमवार होंगे। माह का अंतिम दिन भी सोमवार होगा। मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई है। मंदिरों को सजाया जा रहा है। साफ-सफाई के साथ रंग रोगन का काम भी शुरू हो चुका है।

जीवन में गुरु और शिक्षक के महत्व को आने वाली पीढ़ी को बताने के लिए यह पर्व आदर्श है व्यास पूर्णिमा या गुरु पूर्णिमा अंधविश्वास के आधार पर नहीं बल्कि श्रद्धाभाव से मनाना चाहिए गुरु का आशीर्वाद सबके लिए कल्याणकारी व ज्ञानवर्द्धक होता है, इसलिए इस दिन गुरु पूजन के उपरांत गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए।