जीएसटी करों का बोझ कम, विकास और रोजगार को बढावा देगा

नई दिल्ली। केंद्रीय सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग मंत्री कलराज मिश्रा ने कहा कि जीएसटी से करों के बोझ में काफी कमी आएगी। साथ ही औपचारिक अर्थव्यवस्था का मार्ग प्रशस्त होगा जो विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा।

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कलराज मिश्रा गुरुवार को जीएसटी पर अपने मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय पूरे देश में विभिन्न योजनाओं कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू कर रहा है और जीएसटी पर पूरा ध्यान दे रहा है। बैंकों को उद्योग संबंधी विभिन्न समस्याओं को हल करने की गति में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। जीएसटी प्रकोष्ठ स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय को इसे एक चुनौती के बजाए एक अवसर के रूप में देखना चाहिए।

उन्होंने बताया कि जीएसटी को लोकप्रिय बनाने के लिए उनके मंत्रालय ने विभिन्न प्रयास किए हैं जिसके तहत जीएसटी प्रकोष्ठ स्थापित किए गए हैं। एक टोल फ्री नंबर के साथ एक सुविधा सेल स्थापित किया गया है। मंत्रालय के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा 12,000 से अधिक उद्यमों को जीएसटी के लिए प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने बताया कि स्वयं उन्होंने गुवाहाटी और अगरतला में जाकर इस संबंध में जानकारी दी है।

उन्होंने बताया कि सभी अधिकारियों को सूचित किया गया है कि जीएसटी संबंधित सूचना प्रदान करने और इससे संबंधित सवालों का जवाब देने के लिए सोशल मीडिया,फेसबुक और ट्विटर का उपयोग करें। इसके अलावा 200 से अधिक सचिव संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को जिला स्तर पर जीएसटी के कारण पर नजर रखने के लिए कहा गया है।

श्री मिश्रा ने बताया कि उनके मंत्रालय ने जीएसटी के साथ अपनी विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देशों को आसान बनाने के लिए प्रयास किए हैं। दिशा निर्देशों के सरलीकरण नई पहल की गई है। इस में पीएमईजीपी ऑनलाइन बनाया गया है। ऑनलाइन शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली की स्थापना भी की गई है। ई ऑफिसर मोबाइल के अनुकूल वेबसाइट की शुरुआत की गई है। डिजिटल एमएसएमई योजना शुरू की गई है। राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता को सुधारने के लिए उनके उत्पादन व्यवसायिक प्रक्रियाओं में क्लाउड कंप्यूटिंग भी की जा रही है।

राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि जीएसटी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अब तक असंगठित ग्रामीण उद्योगों के लिए सूक्ष्म और लघु खंड में मुख्य रूप से नए अवसर खोले हैं। राज्यमंत्री हरिभाई पार्थिव भाई ने उल्लेख किया जीएसटी के साथ ही अब तक एक बड़ी समानांतर अर्थव्यवस्था जो अभी तक मौजूद है बाद में औपचारिक रूप में आ जाएगी। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वह अपने विक्रेताओं को विवेकानुसार चुनने के लिए नए सिस्टम द्वारा की जाने वाली इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने को प्रोत्साहित करें।
इस अवसर पर मंत्रालय सचिव अरुण कुमार पांडे ने मंत्रालय द्वारा जीएसटी शासन में विभिन्न संभावित समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने डिजिटल एमएसएमई जैसे आईसीटी योजनाओं की उपयोगिता पर बल दिया जो एमएसएमई उद्यमों को मदद कर सकता है। इस अवसर पर सीबीएसई के प्रतिनिधि उपस्थित थे जिन्होने उपस्थित लोगों के प्रश्नो के जवाब भी दी।