जीएसटी: 20 लाख से अधिक वार्षिक आय वालों को कराना होगा पंजीयन

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में वाणिज्यिक कर विभाग ने जीएसटी लागू किए जाने के संबंध में अधिसूचनाएं जारी की हैं। धारा-10 के अंतर्गत कम्पोजीशन सुविधाएं व्यवसाइयों को प्रदान की जाएंगी। यह सुविधा ऐसे व्यापारी अथवा निर्माता को मिलेंगी, जिनकी वार्षिक आय 75 लाख रुपये से अधिक नहीं हो। इस सुविधा के अंतर्गत व्यवसायी कुल विक्रय का एक प्रतिशत, निर्माता दो प्रतिशत तथा रेस्टोरेंट संचालक 05 प्रतिशत कर जमा कर सकेंगे। अन्य सेवा कर में कार्य करने वाले व्यवसाइयों को यह सुविधा नहीं मिलेगी।

पंजीयन संबंधी प्रावधान और नियम भी प्रभावी किए गए हैं। ऐसे व्यापारी जिनका वार्षिक विक्रय 20 लाख रुपये से अधिक है, उन्हें जीएसटी में पंजीयन कराना अनिवार्य है। व्यवसायी जो अंतर्राज्यीय व्यापार करते हैं अथवा कैजुअल डीलर हैं, उनके लिए बिक्री की सीमा 20 लाख रुपये न होकर कम होगी। इसके लिए उन्हें संबंधित क्षेत्र के वाणिज्यिक कर कार्यालय में ऑनलाइन आवेदन जमा करने होंगे। आवेदन के तीन दिन के भीतर पंजीयन प्रदान किया जाएगा जो नि:शुल्क है। पंजीयन प्राप्त करने के लिए पैन नंबर का होना जरूरी है।

इसके अलावा सामान्य व्यवसाय संबंधी जानकारी, पता इत्यादि देना होगा। ऐसे व्यापारी जो वैट अधिनियम में पंजीकृत हैं, उन्हें जीएसटी में परिवर्तन कराना होगा। ऐसे व्यापारी जो अभी तक जीएसटी में माइग्रेट नहीं हुए हैं उनके लिए 25 जून से पुन: प्रक्रिया प्रारंभ होगी। वाणिज्यिक कर विभाग ने व्यवसाइयों को इस प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से पूरा करने के लिए कहा है। जिससे उन्हें बचे हुए स्टॉक पर चुकाए गए कर की छूट प्राप्त हो सके।