सरकारी नियमों की अनदेखी करने से अधिकारियों को नहीं है परहेज

 अम्बेडकर।  अम्बेडकर नगर जिले की ए क्लास नगर पालिका में फैले भ्रष्टाचार की जड़ें किस कदर मजबूत हैं  किस तरह कानून को ठेंगा दिखा कर मानको को ताक पर रख कर किस तरह जनता के पैसे की लूट मची है हम आप को दिखाते है । कैसा सरकारी  बाइलाज , कैसा नियम और कैसा मानक  इस नगर पालिका के अध्यक्ष और अधिकारियों को न तो किसी कानून का भय है और न ही किसी की कोई परवाह नहीं | परवाह है तो सिर्फ इतनी की कमीशन कैसे मिले?
 सरकारी नियमों की अनदेखी कर नगर पालिका के पूरे पांच साल के कार्यकाल में कैसे भ्रष्टाचार यहाँ फैला है कैमरे में कैद इस नगर पालिका के एक जिम्मेदार अधिकारी की पोल खोलने वाली बातें आपको हैरान कर देंगी।
 मामला अम्बेडकरनगर जिले के ए क्लास की टांडा नगर पालिका का है । जहां सरकार का कोई कानून और न ही कोई नियम काम नहीं करता  बल्कि यहाँ काम चलता है तो सिर्फ समाजवादी पार्टी के इस नेता और नगर पालिका के अध्यक्ष हाजी इफ़्तेख़ार अंसारी का | यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि इस नगर पालिका में तैनात यहाँ के अवर अभियंता आर सी गुप्ता खुद ही बता रहे हैं । इस नगर पालिका में लाखों रुपये के निर्माण के भी काम नियम ,  कानून से नहीं बल्कि , जुबानी और ( दफा सरपट ) हवा हवाई तरीके से होता है ।
 मामला यहां के बूचड़ खाने का जीर्णोउद्धार करने का है । सरकार बदलने के बाद इस बूचड़ खाने को अवैध घोषित कर दिया गया है । जिस के लिए नगर पालिका प्रसाशन ने  15 से 20 लाख  रूपये का बजट रखा गया , लेकिन  किसी लिखा पढ़ी में नहीं सिर्फ जुबानी । जी हां नगर पालिका में किसी निर्माण के लिए पहले टेंडर भरा जाता है और फिर मानक तय किये जाने के बाद ठेकेदार को काम करवाने का वर्क आर्डर दिए जाते है । पर यहां तो अधिकारियों और चेयर मैन का अलग ही कानून है । इस लाखों के काम करवाने के लिए अपने चहेते ठेकेदार को बिना किसी टेंडर और बिना किसी वर्क ऑर्डर और बिना किसी मानक के काम करने के लिए कहा जाता है । सबसे बड़ी बात तो ये है की काम होने के बाद बिना काम की गुड्बत्ता देखे बाद , काम पूरा होने के बाद में कागजी खाना पूरी करके पेमेंट किया जायेगा ।  जेई  साहब ने पूछने पे बताया की बताया की चेयर मैन साहब अपने में खुद कानून है , खुद सामर्थ है ।हम तो उनके एक मुंसी की तरह है । अब ये बात ओ अधिकारी कह रहा है जो निर्माण का सबसे बड़ा अधिकारी है और बिना उसके लिखे कोई भी पेमेंट नहीं हो सकता ।
 -कार्तिकेय द्विवेदी