बोरे में मिली सरकारी स्कूल की किताबें

आगरा। सर्व शिक्षा अभियान के तहत आयी जिन किताबों से बच्चे भविष्य संवारते, वह बोरे में भरी मिलीं। लोग इस बोरे में हजार और पांच सौ के पुराने नोट की शक्ल में कालाधन मान रहे थे। लोगों की भीड़ लग गई। बोरे खोले तो उसमें किताबें निकलीं। मोके पर पहुचे लोगों ने कल शाम प्रशाशनिक अधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारियो को अबगत करा दिया लेकिन करीव 12 घंटे बाद भी आज सुबह तक कोई नहीं पंहुचा।

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दरसल मलपुरा के रोहता नहर के पास किसान नेता श्याम सिंह चाहर का खेत है शनिवार शाम करीब पांच बजे लोगों ने खेत में दो बोरे पड़े देखे। उन्हें लगा कि इसमें नोट हो सकते हैं। पर इसमें परिषदीय विद्यालयों की कक्षा एक से पांच तक की नई किताबें भरी हुई थीं। दूसरे बोरे में कुछ किताबें प्राइमरी स्कूल कबूलपुर ब्लॉक बरौली अहीर की निकलीं।

इन किताबों पर छात्रों का नाम व पता लिखा हुआ था किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने इसकी जानकारी सीडीओ नागेंद्र प्रताप को फोन पर दी। उन्होंने जांच होने तक किसान नेता से किताबें अपने पास रखने को कहा लेकिन मोके पर कोई नहीं पंहुचा ,सर्व शिक्षा की किताबों में बड़ा खेल होता है। छात्र संख्या अधिक दर्शाकर ज्यादा किताबें छपवाई जाती हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार इस बार वैसे भी किताबें काफी देर से छप कर आई हैं। इससे बंटने में भी देरी हुई। हालांकि मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने जांच करवाने की बात कही …लेकिन जिस तरह से बच्चों तक किताबें पहुंचाने के बजाए अब उन्हें खेत में फेंक दिया गया है।क्या बाकई इस कृत्य से देश के भविष्य कहे जाने बाले बच्चों का भविष्य बनेगा ये बड़ा सवाल?

rp_rinkitomar_agraरिंकी तोमर, संवाददाता