सरकार ने किसानों के हित में लिए 50 से ज्यादा फैसले: कृषि मंत्री

किच्छा। उधमसिंह नगर जिले के न्याय पंचायत बंडिया में आयोजित कृषक महोत्सव रबी-2017 में प्रदेश के कृषि व उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि इस समय पूरे प्रदेश में कृषकों को जागरूक करने व कृषकों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश की 670 न्याय पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। प्रदेश सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील है। पांच महीने में 50 से अधिक निर्णय किसानों के हित में लिए गए हैं।

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बता दें कि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि ‘फसल बीमा योजना’ के अंतर्गत फसल का मुआवजा किसानों को समय से मिले, इसके लिए भी कार्य किया जा रहा है। किसानों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा उत्पादकता को बढ़ाने के लिए वे अधिकारियों व वैज्ञानिकों से हमेशा चर्चा करते रहे हैं। किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करने के लिए किसानों को क्लस्टर आधारित कृषि को बढ़ावा देना होगा। पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, फ्लोरिकल्चर, जड़ी-बूटी, रेशम पालन, मत्स्य पालन पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

वहीं उनियाल ने कहा कि हम काश्तकारों को व्यापारी के रूप में विकसित करना चाहते हैं। शीघ्र ही कृषि व उद्यान विभाग को एक कर दिया जाएगा। हर अधिकारी एक गांव को गोद लेगा व लोगों को जागरूक करेगा, ताकि उत्पादन बढ़ सके। उन्होंने कहा कि विकास खण्ड व न्याय पंचायत स्तर पर कृषि यंत्र किराया केन्द्र बनाए जा रहे हैं। जहां किराए के माध्यम से भी कृषकों को यंत्र उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
कृषकों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिले व बिचौलियों की भूमिका खत्म हो, इसके लिए भी कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में कोल्ड रूम व कलेक्शन सेंटर की संख्या बढ़ई जाएगी। साथ ही किसानों को समय से बीज, खाद व कीटनाशक दवा उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर थारू सांस्कृतिक विकास समिति, खटीमा द्वारा स्वच्छता पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए।

साथ ही क्षेत्रीय विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की निरंतर आय बढ़ाने का कार्य कर रही है। पहले एक हेक्टेयर पर 37 कुंतल धान किसानों से क्रय किया जाता था। अब इसे बढ़ाकर 60 कुंतल कर दिया गया है। किसान इस योजनाओं का लाभ उठाएं। वहीं इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार पाण्डेय ने बताया कि गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए जिला योजना मद में तीन करोड़ की धनराशि रखी गई है। ट्रंच विधि से गन्ना बोने पर मजदूरी का भुगतान कृषक को मनरेगा के अन्तर्गत किया जाएगा।