वेंकटप्पा पुटप्पा को गूगल ने डूडल बनाकर श्रद्धांजलि दी

नई दिल्ली। कन्नड़ भाषा के कवि कुप्पाली वेंकटप्पा पुटप्पा को गूगल ने उनकी 113वीं जयंती के लिए आज गूगल ने डूडल बनाकर श्रद्धांजलि दी है। कुप्पाली को कुवेंपू के नाम से जाना जाता था और उनका जन्म 29 दिसंबर 1904 को हुआ था। वह कन्नड़ लेखक और कवि थे। उन्हें 20वीं शताब्दी के महानतम कन्नड़ कवि की उपाधि दी गई थी।

 

गद्य और पद्य दोनों ही विधाओं में अपनी लेखनी का जादू बिखरने वाले कुप्पाली वेंकटप्पा पुटप्पा को साहित्य जगत में बेहद प्रसिद्धि कुवेंपू के नाम से ही मिली। कुवेंपू को रामायण को नए सिरे से व्याख्यायित करने के लिए खास तौर से जाना जाता है। उन्होंने अपनी किताब ‘श्री रामायण दर्शनम’ में रामायण को आधुनिक नजरिये से पेश किया, जिसे काफी पसंद भी किया गया था।

उन्हें साल 1958 में राष्ट्रकवि के सम्मान से नवाजा गया. इसके बाद उन्हें 1992 में कर्नाटक सरकार ने कर्नाटक रत्न का सम्मान दिया।उन्होंने कर्नाटक राज्य गीत ”जय भारत की” भी रचना की थी। कन्नड़ की गरिमा को उच्चतम स्तर पर ले जाने के लिए सरकार ने इनका सम्मान किया और केन्द्र सरकार ने ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 89 साल की उम्र में 11 नवंबर 1994 में कुवेंपू ने दुनिया को अलविदा कह दिया।