भारत में मजदूरों के लिए आवाज उठाने वाली साराभाई का गूगल ने बनाया डूडल

नई दिल्ली। भारत में मजदूरों के हक में आवाज उठाने वाली अनासूया साराभाई के 132वें जन्मदिन पर गुगल ने उनके सम्मान में अपना नया डूडल बनाया है। बता दें कि अनासूया देश में महिला श्रम आंदोलन की अग्रणी थी और उन्होंने ही अहमदाबाद टेक्सटाइल श्रमिक संघ की स्थापना की थी। वैसे तो साराभाई का जन्म 11 नवंबर 1985 को अहमदाबाद के एक संपन्न परिवार में हुआ था, लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने अपनी जिंदगी में कई परेशानियों का सामना किया था। साराभाई के सर पर से उनके माता-पिता का साया बचपन में ही उठ गया था, इसके बाद सारा और उनके दो भाई-बहनों को उनके चाचा ने पाला। जब वो 13 साल की हुई तो उनके चाचा ने उनका बाल विवाह करवा दिया, जोकि ज्यादा समय तक नहीं टिक पाया। 

इसके बाद साराभाई ने साल 1912 में लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स में दाखिला ले लिया और वहां से पढ़ाई करने के बाद वो वापस भारत आ गई भारत आकर उन्होंने मजदूरों के हक में अपनी आबाज बुलंद की और हड़ताल व प्रदर्शन करके मजदूरो को उनका हक दिलावाने में जुट गई। बता दें कि बुनकरों के हक में उनकी इस लड़ाई में उनका साथ महात्मा गांधी ने भी दिया। हक मिलने के बाद देश के सबसे पूराने मजदूर संघ, भारतीय मजदूर संघ की स्थापना हुई। साराभाई के इन अथक कामों के लिए गुजरात में उन्हें काफी वाहवाही और प्यार मिलने लगा और उन्हें लोग प्यार से मोटाबेन बुलाने लगे। इसके बाद साराभाई ने साल 1972 में अपने करीबी मित्र एला भट्ट के साथ मिलकर 1972 में सेल्फ- इम्प्लॉइड महिला एसोसिएशन ऑफ इंडिया का गठन किया। वहीं उसी साल 1972 में साराभाई इस दुनिया से रुकस्त हो गई।