गज़ल गायकी को नया आयाम देनें वाले पंकज उधास का 64वां जन्मदिन

नई दिल्ली। ‘चिठ्ठी आई है…’आई हैं चिठ्टी आई हैं बड़े दिनों के बाद….मशहूर गज़ल गायक पंकज उधास का आज 64वां जन्मदिन हैं। उधास को 1986 में आई फिल्म ‘नाम’ में गायकी से सफलता मिली जिसका फेमस गीत ‘चिठ्ठी आई है’ आज भी लोगों की जुबां पर रहता हैं।
इसके अलावा उन्होंने कई एल्बम भी रिकॉर्ड किए हैं और एक कुशल गजल गायक के रूप में पूरी दुनिया में अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। बतातें चले कि 2006 में पंकज उधास को पद्मश्री से नवाजा गया था।

पहली फिल्म में सफल नही हुए थे पंकज
उधास ने पहली बार 1972 की फिल्म ‘कामना’ में अपनी आवाज दी थी, जो कि एक असफल फिल्म रही थी। इसके बाद, उधास ने गजल गायन में रुचि विकसित की और गजल गायक के रूप में अपना करियर बनाने के लिए उन्होंने उर्दू भी सीखी। सफलता न मिलने के बाद वे कनाडा चले गए और वहां तथा अमेरिका में छोटे-मोटे कार्यक्रमों में गजल गायिकी करके अपना समय बिताने के बाद वे भारत आ गए। उनका पहली गजल एल्बम ‘आहट’ 1980 में रिलीज हुआ था। यहां से उन्हें सफलता मिलनी शुरू हो गई और 2009 तक वे 40 एल्बम रिलीज कर चुके हैं।

पंकज उधास के अलबम
आहट (1980), नशा (1997),  पंकज उधास अल्बर्ट हॉल में लाइव  किंवदंती, खजाना, आफरीन, शगुफ्ता, नबील,  किशोर मौसम,  कैफ, एक आदमी, वो लाडकी याद आती हैं, चोरी की लम्हें, मेहेक (1999), घूंघट, मुस्कान, धड़कन, पंकज उधास वॉल-1,2 का सर्वश्रेष्ठ, पंकज उदास ‘लाइफ स्टोरी’ वॉल-1,2, पंकज उधास वॉल-1,2,3,4, लम्हा, जशान (2006), अपार प्रेम,  राजुआत (गुजराती), वासाखी (पंजाबी), याद, कभी कभी भी कभी खुशबू कबली नगहुमा, मेर (2003) की खोज में, हसरत, भालोबाशा (बंगाली),यारा – संगीत उस्ताद अमजद अली खान द्वारा संगीत, शब्द – वैभव सक्सेना और गुंजन झा द्वारा संगीत, शैअर (2010), बारबाड मोहब्बत,  भावनात्मक 2013, खमोशी की आवाज 2014