दिनदहाड़े चली गोलियां, सपा पार्षद और साथी को उतारा मौत के घाट

मेरठ। मेरठ में को सरे बाजार समाजवादी पार्टी के पार्षद आरिफ की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। दिनदहाड़े हुए इस हमले में घायल आरिफ के एक साथी की अस्पताल में मौत हो गई है। वारदात के पीछे दो किन्नर गुटों के बीच बरसों से चली आ रही खूनी रंजिश वजह बनी है इस रंजिश की गैंगवार में शामिल कुख्यात बदमाश सलमान मृतक आरिफ का भतीजा है और जेल में बंद है। मेरठ में रविवार की शाम भीड़-भाड़ वाले इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अचानक बाइकों पर सवार होकर आए आधा दर्जन हथियारबंद बदमाशों ने एक दुकान में बैठे कुछ लोगों पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। वारदात कोतवाली इलाके के कुरैशियान मस्जिद के पास की है। हथियारबंद बदमाशों ने अपने हाथों में 2-2 पिस्टल ले रखी थी और लगातार सीधे फायरिंग किए जा रहे थे। फायरिंग करने के बाद बदमाश गलियों से होकर फरार हो गए। मौके पर जब देखा गया तो इलाके का पार्षद और समाजवादी पार्टी के नेता गोलियां लगने से मर चुके थे और उनके एक साथी शादाब गोलियां लगने से एक गंभीर रुप से घायल था। शादाब की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने बदमाशों के सुराग तलाशना शुरू कर दिए है। लेकिन पुलिस जब तक मौके पर पहुंची बदमाश बहुत दूर जा चुके थे।

सूत्रों की माने तो आरिफ़ की हत्या एक प्री-प्लांड साजिश है जिसमें शहर के किन्नरों का एक गुट शामिल है। सूत्रों की माने तो हत्या में शामिल बदमाश चीता गैंग के शार्प शूटर है। आरिफ के मर्डर को हाजी फाको की हत्या का बदला माना जा रहा है। नगर निगम के पार्षद और किन्नरों के उस्ताद हाजी फाको को 2 महीने पहले सलमान गैंग के शार्प शूटर्स ने दिनदहाड़े उसके घर में घुसकर मौत के घाट उतार दिया था। सलमान ने अपने गुट के किन्नर शमशाद की हत्या का बदला लेने के लिए हाजी फाकों की हत्या कराई थी।

दरअसल मेरठ शहर में नेग उगाही के इलाके के बंटवारे को लेकर किन्नरों के दो गुट अरसे से बदमाशों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पिछले 2 साल से सलमान और चीता गैंग किन्नरों के दो गुटों के लिए काम करते हैं और इलाके में किन्नरों का दबदबा बनाए रखने के लिए लगातार हत्याएं करा रहे हैं। इस साल इस गैंगवार में हुई यह तीसरी हत्या है। हमले में मारा गया समाजवादी पार्टी का पार्षद आरिफ जेल में बंद कुख्यात सलमान का चाचा है। आरिफ सलमान का पैरोकार था जिसके चलते पार्षद की हत्या की गई वही परिजनों ने चीता गैंग के सात शूटर्स के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज़ कराया है आरिफ के साथ उसका एक भतीजा आमीर  भी घटना के वक़्त वहा मौजूद था जिसका कहना है की तीन बाइको पर सवार होकर आये छः बदमाशो ने सेलून पर शेविंग करा रहे आरिफ और साथ बैठे शादाब पर फायरिंग कर दी जिसमे  आरिफ की मोके पर ही मौत हो गई और गोली लगने से घायल हुए शादाब की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई और आमीर और उसके साथ के लोगो ने वहा से भाग कर अपनी जान बचाई आमीर क कहना है की उस पर और उसमे परिवार पर पहले भी इन लोगो ने हमले किये है जिसकी शिकयात इन लोगो  पुलिस से की थी मगर पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं करी फिलहाल आमीर ने हमलावरों को पहचान लिया और उनके खिलाफ  नामदर्ज मुकदमा करा दिया है

हाजी फाकों की हत्या में आरिफ का नाम भी तफ्तीश में आया था लेकिन थाना पुलिस की आरिफ पर कृपा के चलते उसे इस हत्याकांड में क्लीन चिट दे दी गई। शायद यही बात चीता गैंग के गले नहीं उतरी और उसने कानून के शिकंजे से बचे आरिफ को अपने शिकंजे में फांस कर मार डाला। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस गैंगवार पर इलाके की पुलिस और मेरठ में बैठे पुलिस विभाग के बड़े अफसर नकेल कस पाएंगे या फिर दिन हो या रात… गैंगवार का यह खूनी खेल कानून के पहरुओं की नाक के नीचे यूं ही चलता रहेगा।