गांगुली का व्यवहार अनुचित: रवि शास्त्री

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच की दौड़ में अनिल कुंबले से हार जाने के बाद निराश पूर्व कप्तान रवि शास्त्री ने कोच पद के लिए साक्षात्कार के दौरान उपस्थित न रहने पर पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली को मंगलवार को आड़े हाथ लिया। गांगुली, सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और संजय जगदाले क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) का हिस्सा हैं, जिस पर टीम का कोच चुनने की जिम्मेदारी थी। शास्त्री भी कोच पद की दौड़ में शामिल थे।

Ravi Shashtri

शास्त्री (54) के साक्षात्कार के दौरान बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के अध्यक्ष सौरव गांगुली बैठक में मौजूद नहीं थे जिसके कारण शास्त्री काफी नाराज हुए। एक समाचार चैनल से बात करते हुए शास्त्री ने कहा कि वह निराश हैं और गांगुली के व्यवहार के अपमानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने साथ ही गांगुली को सलाह दी है कि वह आगे से ऐसा नहीं करें।

शास्त्री ने कहा, “भारतीय क्रिकेट में मुझे कोई बात अब नहीं चौकाती। समिति का एक सदस्य (गांगुली) वहां मौजूद नहीं था। यह चयन प्रक्रिया का अपमान है।”

उन्होंने कहा, “वह शख्स उस उम्मीदवार का अपमान करता है जिसका वह साक्षात्कार लेने वाला होता है। उन्होंने अपने काम का भी अपमान किया।”

भारतीय टीम के पूर्व निदेशक शास्त्री ने गांगुली को सलाह देते हुए कहा, “अगली बार बैठक में मौजूद रहना। खासकर तब, जब वह इतनी महत्वपूर्ण हो।”

शास्त्री ने हालांकि चयन प्रक्रिया की आलोचना करने से मना कर दिया और कहा है कि वह जो कर सकते थे, उन्होंने किया। उन्होंने कहा, “मेरा काम कोच पद के लिए अर्जी देना और साक्षात्कार देना था। मुझे प्रक्रिया के बारे में कुछ नहीं कहना है।”

शास्त्री ने कहा कि वह निराश हैं क्योंकि उन्होंने पिछले 18 महीनों में टीम के साथ काफी मेहनत की थी, लेकिन अब वह इसे आगे नहीं ले जा पाएंगे। शास्त्री ने नए कोच कुंबले की प्रशंसा की और उन्हें देश के महान क्रिकेट खिलाड़ियों में से एक बताया। शास्त्री ने कहा, “अनिल महान क्रिकेट खिलाड़ियों में से एक हैं और अब उन पर जिम्मेदारी है। उन्हें एक शानदार टीम मिली है जिसे वह और आगे ले जा सकते हैं।”

(आईएएनएस)