सैलानियों के लिए खुले गंगोत्री नेशनल पार्क के दरवाजे

उत्तरकाशी। गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट सैलानियों के लिए खोल दिए गए हैं। अब सैलानी 15 नवंबर तक पार्क की सैर कर सकेंगे। यह पहला मौका है जब पार्क के गेट गंगोत्री धाम के कपाट खोलने से पहले खोले गए हैं। गंगोत्री धाम के कपाट 28 अप्रैल को खोले जाएंगे। आज यहां गंगोत्री धाम के पास पार्क के अधिकारियों ने पूजा-अर्चना के बाद गेट खोल दिए।

पहले दिन 25 पर्यटक अलग-अलग दलों में गोमुख और तपोवन के लिए रवाना हुए। नई व्यवस्था लागू होने से ट्रैकिंग संचालकों के चेहरे खिले हुए हैं। ट्रैकिंग एजेंसी संचालक विष्णु सेमवाल ने बताया कि सरकार के इस कदम से अब पर्यटक ज्यादा वक्त तक पार्क की सैर कर सकेंगे।

दरअसल, पुरानी व्यवस्था में पार्क के गेट गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही खोले जाते थे। इसके बाद कपाट बंद होने साथ ही बंद कर दिए जाते थे। उल्लेखनीय है कि गंगा का उद्गम स्थल गोमुख गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में पड़ता है। यह स्थान गंगोत्री से 18 किलोमीटर दूर है। इसके आसपास तपोवन, नंदनवन, कालिंदीपास के साथ शिवलिंग, भागीरथी प्रथम, द्वितीय, तृतीय जैसी चोटियां ट्रैकिंग और पर्वतारोहण के शौकीनों के आकर्षण का केंद्र हैं। हर वर्ष यहां सैकड़ों सैलानी आते हैं। इस क्षेत्र में प्रवेश के लिए गंगोत्री नेशनल पार्क से अनुमति लेनी पड़ती है।

गंगोत्री नेशनल पार्क के रेंज अधिकारी प्रताप पंवार ने बताया कि नवंबर 2016 में जारी शासनादेश के अनुसार पार्क खुलने और बंद करने की तिथि नियत कर दी गई है। इसके तहत पार्क के गेट हर साल 16 अप्रैल से 15 नवंबर तक खुले रहेंगे। उन्होंने बताया कि पार्क क्षेत्र की सैर के लिए पर्यटक ऑन लाइन बुकिंग भी करा सकते हैं।

हालांकि गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट तो पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं, लेकिन पहले दिन पार्क के नेलांग घाटी में जाने की तैयार कर रहे पर्यटकों को मायूस होना पड़ा। भैरवघाटी से नेलांग के लिए जाने वाले मार्ग पर हवा बैंड के पास बीते शुक्रवार को हाईवे बंद हो गया था। गंगोत्री नेशनल पार्क के उप निदेशक श्रवण कुमार ने बताया कि जब मार्ग खुल जाएगा उसके बाद पर्यटकों को नेलांग जाने की अनुमति दी जाएगी।