खतरे में है पश्चिमी सभ्यता का भविष्य : ट्रंप

जर्मनी के शहर हैम्बर्ग में जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने से पहले पोलैंड की राजधानी वारसा में अमरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने आतंकवाद और चरमपंथ के खतरों को लेकर चेतावनी दी और कहा कि पश्चिमी सभ्यता का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। यह जानकारी शुक्रवार को मीडिया रिपोर्ट से मिली है। उन्होंने रूस की आलोचना करते हुए उससे जिम्मेदार देशों के समुदाय में शामिल होने का आग्रह किया।


बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने वारसा के क्रासिंस्की स्क्वायर में एक विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। विदित हो कि पोलैंड में अभी एक रूढ़िवादी सरकार सत्ता में है जो आप्रवासन और संप्रभुता के मुद्दे पर ट्रंप के समान ही सोच रखती है। ट्रंप ने पोलैंड में कहा, ‘पोलैंड का अनुभव हमें याद दिलाता है कि पश्चिम की रक्षा का दायित्व ना केवल संसाधनों पर निर्भर करता है, बल्कि यह अंततः लोगों के बचे रहने की इच्छा पर भी निर्भर करता है’

ट्रंप ने रूस से कहा कि वह यूक्रेन और दूसरी जगहों पर अस्थिरता लाने वाली अपनी गतिविधियां और सीरिया और ईरान जैसे देशों में शत्रु शासकों का सहयोग करना बंद करें। उन्होंने आगे कहा कि इसके बजाय रूस को ज़िम्मेदार राष्ट्रों के समुदाय के साथ जुड़कर अपने साझा शत्रुओं से लड़ने और सभ्यता की रक्षा में शामिल होना चाहिए। अमरिकी राष्ट्रपति हैम्बर्ग में पहली बार रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से मुलाक़ात करेंगे। लेकिन रूसी राष्ट्रपति के एक प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा, ‘रूसी राष्ट्रपति को यह बात स्वीकार नहीं है कि रूस इस क्षेत्र को अस्थिर कर रहा है’ प्रवक्ता ने आगे कहा, ‘ठीक इसी वजह से हम दोनों राष्ट्रपतियों के बीच होने वाली पहली मुलाकात की प्रतीक्षा कर रहे हैं’