कैदियों और जेल अधिकारियों के बीच हुआ मैत्री मैच

वाराणसी। क्रिकेट का खुमार भारत पर कितना चढ़ा हुआ है इसकी एक बानगी आज शहर के केन्द्रीय कारागार में शुरू हुए जेल प्रीमियर लीग में देखने को मिली। कैदियों और जेल अधिकारियों की पहल पर आयोजित इस जेल प्रीमियर लीग का पहला मैच बंदियों ने अधिकारीयों को 5 विकेट से हराकर जीत लिया। दर्जनों मुक़दमे से लादे कैदियों ने जब जेल के मैदान में गेंदबाजी करना शुरू किया तो लगा ही नहीं कि ये वही इंसान है जो किसी जुर्म में कैद है।

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केन्द्रीय कारागार के मैदान पर शनिवार सुबह का नज़ारा कुछ और ही था। रोज़ जहां कैदी वर्क आउट करते है वहां आज क्रिकेट की बिसात बिछी थी। कैदी और कर्मचारियों के मैच के साथ जेल प्रीमियर लीग का शुभारम्भ हुआ। इस सम्बन्ध में सीजीएम अजय श्रीवास्तव ने बताया कि ‘ कैदियों और कर्मचारियों में कम्यूनिकेशन गैप को भरने के लिए समय समय पर हम आयोजन कराते रहते है। इसी के अंतर्गत हमने केन्द्रीय कारगार में जेल प्रीमीयर लीग का आयोजन करवाया है। 12 दिनों तक चलने वाली इस प्रीमीयर लीग में दो टीम कैदियों की, एक टीम मानवाधिकार की, दो टीम कर्मचारियों की दो टीम कर्मचारियों के बच्चों की और एक टीम उदय प्रताप कालेज महाविद्यालय के छात्रों की है। उदघाटन मैच अधिकारियों और बंदियों की टीम के बीच खेला जा रहा है।

केन्द्रीय कारागार में शुरू हुए जेल प्रीमियर लीग में टॉस जीतकर पहले बालिंग का फैसला किया। जिसमे पहले बल्लेबाजी करते हुए अधिकारियों की टीम निर्धारित 14 ओवर में 77 रन बनाकर आल आउट हो गयी। अधिकारियों की टीम की तरफ से कांस्टेबल शानू ने सर्वाधिक 36 रन बनाए और डिप्टी जेलर डी पी सिंह ने 15 बाल पर 20 रन का महत्वपूर्ण योगदान दिया। बंदियों की तरफ से पिछले तीन साल से जेल में बंद चंदौली निवासी कैदी संदीप ने 4 ओवर में 13 रन देकर 3 विकेट चटकाए। जवाब में बंदियों ने 12 ओवर में आसानी से 77 रन का लक्ष्य पार करते हुए 5 विकेट से जेल प्रीमियर लीग का पहला मैच जीत लिया।

सौरभ श्रीवास्तव, संवाददाता