प्रदेशभर में होगा नि:शुल्क फिजियोथेरेपी चिकित्सा शिविर का आयोजन

जयपुर। प्रदेश के जिला अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर फिजियोथेरेपी चिकित्सकों द्वारा राजस्थान फिजियोथेरेपी एसोसिएशन के सहयोग से परामर्श एवं उपचार के लिये तीन दिनों तक चलने वाले फिजियोथेरेपी चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बड़ी संख्या में रोगियों को नि: शुल्क फिजियोथेरेपी की सुविधा देने की तैयारी की गई है।

आयुर्वेद मंत्री कालीचरण सराफ से हुई एक बातचीत में उन्होंने बताया कि आजकल के भागम भाग भरी जिंदगी में किसी भी चीज की समय नहीं रहता। लोगों के पास व्यायाम करने तक का समय नहीं होता। इसके अलावा उठने-बैठने के गलत तरीकों से स्लिप डिस्क, सर्वाइकल स्पोंडिलाइसिस, फ्रोजन शोल्डर, रोटेटर कफ, इंज्युरी, टेनिस एल्बो, गोल्फर एल्बो, पीठ के दर्द इत्यादि समस्याएं बढ़ रही है। जिसके लिए लोग ज्यादातर पेन किलर जैसी दवाओं का प्रयोग करते हैं जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

आयुर्वेद मंत्री ने बताया कि फीजियोथेरेपी द्वारा इन बीमरियों सहित लकवा, पार्किसोनिस्म, कारप्ले टनल सिंड्रोम, मुंह का लकवा, चिकुनगुह्या के बाद जोड़ों का दर्द, जोड़ों के प्रत्यारोपण के पश्चात् व्यायाम, लिगामेंट इंजरी, मांसपेशियों का दर्द एवं जकड़न, हड्डी टूटने के बाद जोड़ों का जाम होना, सेरिब्रल पाल्सी, घुटने का दर्द इत्यादि का उपचार बिना दवाइयों के किया जाना सम्भव है। सराफ ने बताया कि आयुर्वेद के प्राचीन स्वास्थ्य सिद्धान्तों द्वारा दिनचर्या, ऋतुचर्या, योग, प्राणायाम, हितकारी आहार-विहार से स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।

प्रदेश में स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा प्रदेश के सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों-महाविद्यालयों के विद्यार्थियों एवं जनता से सम्पर्क बनाकर लगभग एक करोड़ लोगों को आयुर्वेदिक स्वस्थ जीवनशैली की जानकारी देकर जागरूकता फैलाई जायेगी। चिकित्सा मंत्री ने बताया कि इन शिविरों का आयोजन मार्च या अप्रैल महीने में आयोजित करने की तैयारियां जोरों शोरों पर चल रही है।