ताबड़तोड़ फायरिंग कर अधिवक्ता पर हमला

मेरठ। खरखौदा थाना क्षेत्र के घोसीपुर में बीते शुक्रवार को ताबड़तोड़ फायरिंग कर अधिवक्ता पर हमले के दौरान हुई दो किशोरों की हत्या के मामले में कई आरोपी अब तक फरार हैं। इन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग और बिजली बंबा चौकी इंचार्ज को निलंबित किए जाने की मांग को लेकर सोमवार को वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। मेरठ और जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ एसएसपी का घेराव करते हुए दर्जनों वकीलों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। जिसके बाद एसएसपी ने चौकी इंचार्ज को निलंबित करते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।

सोमवार को मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेन्द्र पाल सिंह, महामंत्री अजय शर्मा और जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लीलापत व महामंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में दर्जनों वकील एसएसपी कार्यालय पहुंचे। एसएसपी जे रविन्द्र गौड़ से मिलकर वकीलों ने घोसीपुर कांड में फरार चल रहे सात आरोपी उस्मान, अशफाक, गुलफाम, इरफान, फुरकान, इकराम और भूरा की अब तक गिरफ्तारी न होने पर आक्रोश जताया। वकीलों ने आरोप लगाया कि यदि बिजली बंबा चौकी इंचार्ज धर्मेन्द्र कुमार यादव पहले ही उचित कार्यवाही करता तो दो मासूमों की जान न जाती। उन्होंने चौकी इंचार्ज को सस्पेंड किए जाने और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। एसएसपी ने चौकी इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी करते हुए इस कांड में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।

बताते चलें कि घोसीपुर निवासी उस्मान उर्फ लंगड़ा ने अपने कई साथियों के साथ बीते शुक्रवार को पुरानी रंजिश के चलते अधिवक्ता मेहराज पर हमला कर दिया था। इस दौरान उस्मान और उसके साथियों ने जमकर कहर बरपाते हुए दर्जनों राउंड फायरिंग की, जिसमें अधिवक्ता सरताज गाजी के भतीजे जुनेद और बिलाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अधिवक्ता मेहराज और मृतक जुनेद के पिता शाहिद सहित दो अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। इस मामले में कार्यवाही करते हुए पुलिस ने आठ आरोपियों को घटना की रात ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि मुख्य आरोपी उस्मान उर्फ लंगड़ा सहित सात आरोपी फरार चल रहे हैं।

राहुल गुप्ता, संवाददाता