फर्जी अभिलेख बनाए जाने के आरोप में पूर्व मुख्य सचिव पर मुकदमा दर्ज

लखनऊ। आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने मंगलवार (आज) पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन, प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पांडा तथा अन्य अफसरों द्वारा उनके निलंबन सम्बन्धी मामले में फर्जी अभिलेख बनाए जाने का आरोप लगाते हुए हजरतगंज में थाने में तहरीर दी है।

थाना प्रभारी ने बताया कि आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने पूर्व मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ तहरीर दी है। जिसमें उन्होंने बताया है कि पूर्व मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव समेत अन्य अधिकारियों ने उन्हें फर्जी मामले में फंसाने के लिए झूठे अभिलेख तैयार किया गए थे। जो पुलिस की जांच में झूठे साबित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि 90 दिनों के अन्दर उनके निलंबन के सम्बन्ध में समीक्षा नहीं होने पर उन्हें 10 अक्टूबर 2015 से बहाल कर दिया जाना चाहिए था।

जब उन्होंने बहाली के लिए अपना आवेदन पत्र दिया तो इन अफसरों ने सिविल सर्विस बोर्ड की बैठक किये बिना ही 10 अक्टूबर 2015 और 11 मार्च 2016 को बोर्ड कि फर्जी बैठक दिखा कर उनके निलंबन को दो बार बढ़ाया। तहरीर के अनुसार इन अफसरों ने उच्चस्तरीय राजनैतिक दवाब में इस सम्बन्ध में कई सारे फर्जी अभिलेख भी बनाए।
अमिताभ का कहना है कि अपने आरोपों को प्रमाणित करने के लिए उनके पास पर्याप्त साक्ष्य हैं जो उन्होंने आरटीआई से हासिल किये हैं. अतः उन्होंने मामले में एफआईआर करने की मांग की है। थाना प्रभारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही हैं।