डीएम एका फर्जी लेटर बनाकर चल रहा है ठगों का धंधा

मेरठ। जिला मेरठ में ठगों का ऐसा मकड जाल बना है कि उन्होने अब प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम से आवास देने के नाम पर ठगी कर डाली। हैरानी की बात यह है की जालसाजों ने जिलाधिकारी का फर्जी पत्र भी तैयार कर डाला है, जब जिलाधिकारी को इस बात की जानकारी हुई तो जिलाधिकारी ने कारवाई के आदेश दे डाले।  मेरठ में जिलाधिकारी कार्यालय में कुछ लोगो ने जिलाधिकारी बी. चंद्रकला मिल कर शिकायत की कि उनसे कुछ ठगो ने प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम से ठगी कर रहे हैं। जब जिलाधिकारी ने इस मामले की कारवाई को आगे बढाते हुए जांच कराई तो वाकई मामला सही निकला, फिर क्या था जिलाधिकारी ने तुरंत ही आरोपियों के खिलाफ थाना सिविल लाइन्स में कारवाई करते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया है ।

दरअसल कुछ ठग लोगो ने गॉव ओर शहरी लोगो को इस योजना का शिकार बनाया और शिकार का तरीका भी बिल्कुल अलग था, जी हॉ इस बार ऑनलाइन आवास बुक कराए गए यह भी इसलिए किया गया ताकि कम पढे लिखे लोगो को ये समझ ही ना आ सके।जिलाधिकारी बी. चंद्रकला का कहना है कि प्रधानमंत्री आवासीय योजना के नाम पर ठगी की जा रही थी जिसका तरीका ऑनलाइन आवेदन करके ठगी करने का था। फिलहाल तो मुकदमा दर्ज कर तमाम ठगो की लिस्ट तैयार की जा रहा है। कितने इस तरह के ठग है ओर अब तक कितने लोगो के साथ ओर कितने रुपये की ठगी की गई है ।जिलाधिकारी ने साथ ही टोल फ्री नम्बर पर जिलाधिकारी को सूचना देने की अपील भी की है ।

आपको बता दे कि यह मामला आखिर खुला कैसे मेरठ के थाना न्यू तारापुरी के रहने वाले अमीर अहमद ने अपनी पत्नी शमीम और साली तमन्ना बानो से ऑनलाइन मकान बुक कराए ओर योजना के नाम पर 49 हजार रुपये गठ को भी दे दिए ठग भी बडा ही शातिर था एक दम पैसे ना लेकर किश्तो में पैसे लिए ओर कोई रसीद भी नही दी । जब पीडितो ने आवास की लोकेश ओर रसीद आदि के बारे में पूछा तो ठग लगातार उनको झूठ बोलता रहा ओर बाद में मिलना भी बंद कर दिया उसके बाद जब पीडित परेशान हो गए तो उन्होने ठीक से जानकारी की तो पता चला कि उनके साथ ठगी हो गई तो पीडित फिर जिलाधिकारी से जाकर मिले सारा किस्सा बताया तब जाकर जिलाधिकारी ने पीडितो की बात सुनी और मामले को समझ कर आगे की कारवाई की।

 -राहुल गुप्ता