यूनेस्को व रेलवे के बीच ऐतिहासिक समझौता के लिए दार्जिलिंग पहुंचे रेलमंत्री

सिलीगुड़ी। रेलमंत्री सुरेश प्रभु दो दिवसीय दौरे पर गुरूवार को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग पहुंचे। उनके साथ दार्जिलिंग के सांसद एवं कृषि राज्यमंत्री एसएस अहलुवालिया भी हैं। इस क्रम में बागडोगरा एयरपोर्ट पर रेलमंत्री व सांसद एसएस अहलुवालिया का भाजपा दार्जिलिंग जिला अध्यक्ष प्रविण सिंघल ने स्वागत किया। उन्होंने रेलमंत्री के समक्ष सिलीगुड़ी टाउन स्टेशन एवं उससे सटे रेल फाटक की समस्या को रखा । नार्थ ईस्ट सीमांत रेलवे मालीगांव के मुख्य जन सम्पर्क अधिकारी कि ओर से मिली जानकारी के अनुसार 20 जनवरी को दार्जिलिंग गोर्खा रंगमंच भवन में रेलमंत्री सुरेश प्रभु एवं यूनेस्को के प्रतिनिधियों के बीच फंड-इन-ट्रस्ट एग्रीमेंट साइन किया जायेगा, जिसका उद्देश्य यूनेस्को के विश्व धरोहर सूची में शामिल दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे के विकास व संरक्षण करना है। इसके बाद रेलमंत्री स्थानीय जन प्रतिनिधि एवं विशिष्ट लोगों के साथ बेहतर शासन (गुड गवर्नेंस) पर आयोजित संगोष्ठी में हिस्सा लेंगे।

21 जनवरी को रेलमंत्री सिक्किम पहुचेंगे। वहां स्थानिय चिंतन भवन में वरिष्ठ नागरिकों, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अधिकारियों एवं मिडिया कर्मी को लेकर बेहतर शासन व्यवस्था (गुड गवर्नेंस) विषय पर आयोजित चर्चा में हिस्सा लेंगे। रेलमंत्री सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन चामलिंग एवं राज्यपाल से भी मुलाकात करेंगे। सूत्रों के अनुसार इस दौरान रेलमंत्री चीन से सटे नाथुला जाने की योजना है। दार्जिलिंग के सांसद एवं कृषि राज्यमंत्री एसएस अहलुवालिया ने यूनेस्कों एवं दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे के बीच होने जा रहे ऐतिहासिक समझौते पर खुशी जताते हुए कहा कि इस समझौते के बाद डीएचआर का विकास तेजी से होगा। दार्जिलिंग में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बदेगी। रेलवे का विकास होने से यहां छोटे व मझौले कारोबार का विकास भी तेजी से होगा। लोगों को अधिक से अधिक रोजगार मिलेगा। अहलुवालिया ने कहा कि सौ साल पुराने डीएचआर के संरक्षण में स्थानीय लोगों की काफी अहम भूमिका रही है।