शराबबंदी में हुई पहली सजा, 2 भाईयों को 5 साल की कैद

नई दिल्ली। सोमवार को नए उत्पाद कानून के तहत सूबे का पहला फैसला आया। दो सहोदर भाईयों को जहानाबाद जिला अदालत ने उत्पाद अधिनियम के तहत 2017 की धारा 35 बी के तहत सजा मुकर्रर करते हुए पांच पांच साल कैद और एक एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया।

बता दें कि बीते 29 मई 2017 की शाम 4 बजे छापेमारी के दौरान जिला उत्पाद विभाग की टीम ने सब इंस्पेक्टर राजीव रंजन के नेतृत्व में कार्वाई करके दोनों भाईयों को पूर्वी उंटा मुहल्ले से माले कार्यालय के पास अलग अलग स्थानों से गिरफ्तार किया था। दोनों दोषी मस्तान मांझी और पेंटर मांझी पूर्वी उंटा मुहल्ले के राजेन्द्र मांझी के बेटे हैं। बाद में दोनों की मेडिकल जांच कराने के बाद अलग अलग दो मामले दर्ज किए थे मेडिकल जांच में दोनों के शराब पीने की बाद साबित हुई थी।
विशेष लोक अभियोजक संजय कुमार ने सरकार का पक्ष तथा साक्ष्य न्यायलय के समक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया था जिसके बाद न्यायलय ने आरोपो को सही पाते हुए यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट ने जुर्माने की राशि नहीं देने पर दोषियों को एक एक साल अधिक कैद का प्रावधान किया है।