फायरिंग प्रकरण: लारेंस को रात तक जोधपुर लाया जाएगा

जोधपुर। 17 मार्च की सुबह एक ट्रेवल एजेंसी के संचालक मनीष जैन और निजी होस्पिटल के चिकित्सक के घर के बाहर कुछ लोगों ने फायरिंग की थी। साथ ही गाड़ियों को भी काफी नुकसान पंहुचाया था। इस मामले मे पुलिस लारेंस विश्रोई के को 29 मार्च की रात तक जोधपुर ले आएगें। साथ ही पुलिस 30 मार्च को उसे न्यायलय में भी पेश कर सकती है। पुलिस अब तक इस प्रकरण की अहम कड़ी लारेंस को मान रही है। जल्द ही उसके साथी भी पुलिस की गिरफ्त में होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

सनद रहे कि निजी टे्रवल संचालक मनीष जैन के मकान सेक्टर 07 और निजी अस्पताल समूह के सुनील चांडक के मकान समन्वय नगर प्रेक्षा अस्पताल के सामने गत 17 मार्च की सुबह घर के बाहर फायरिंग कर दहशत फैलाई गई। गाड़ियों पर फायर कर नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस पिछले 12 दिन से इस प्रकरण की गुत्थी को सुलझाने में जुटी है, मगर अभी तक अधिकारिक तौर पर पुष्टि के साथ खुलासा नहीं कर पाई है।

पुलिस का आरंभिक तौर पर मानना है कि लारेंस विश्रोई के चार गुर्गें सचिन, भावेश, आरजू और एक अन्य यहां जोधपुर जेल में बंद है। जिनसे मिलने हार्डकोर सोहन खेड़ी आता जाता रहा है। जिसके इशारे पर जेल से बाहर कुछ स्थानीय गुर्गों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया गया।

प्रकरण अवैध वसूली को लेकर हुआ या अन्य किसी कारण से पुलिस इसकी भी पुष्टि नहीं कर पाई है। अलबत्ता फोन कॉल के वायरल होने में चिकित्सक सुनील चांडक से 50 लाख की मांग सामने आई।

वहीं बालेसर के एक हार्डकोर कैलाश मांजू पर पुलिस ने कयास लगाए थे, मगर उसने अपना वीडियो वायरल कर खुद को मामले से दूर ही बताया और झूठा बताया। 12 दिन की मशक्कत के बाद भी पुलिस किसी सहयोगी की गिरफ्तारी नहीं बता पाई। हालांकि कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई।