वित्तमंत्री अरूण जेटली ने भारत-कोरिया व्यापार बैठक को किया संबोधित

नई दिल्ली। वित्तमंत्री अरूण जेटली ने कोरिया के वाणिज्य और उद्योग संघ(केसीसीआई) भारतीय दूतावास और भारतीय उद्योग परिसंघ (फिक्की) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित भारत कोरिया व्यापार बैठक को संबोधित किया। बैठक में कोरिया के व्यापार और उद्योग जगत के सौ से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने प्रमुख कोरियाई कंपनियों के अध्यक्षों, प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से मुलाकात की।


केंद्रीय वित्त, कार्पोरेट और रक्षा मंत्री अरूण जेटली ने कल कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति मून जई इन से मुलाकात की। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने राष्ट्रपति मून को हाल ही में हुए चुनाव में विजय प्राप्त करने पर बधाई दी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं व्यक्त की।
कोरिया में जेटली का स्वागत करते हुए मून ने विशेष तौर पर ट्विटर में कोरियाई भाषा में संदेश देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का स्मरण किया। 11 मई को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बधाई संदेश देने के लिए किये फोन का स्मरण करते हुए मून ने कहा कि दोनों पक्षों में द्विपक्षीय भागीदारी के निर्माण के लिए प्रबल इच्छा शक्ति है। उन्होंने कहा कि हाल ही में चुने गए कोरिया के राष्ट्रपति द्वारा भारत के लिए विशेष दूत की नियुक्ति करने का निर्णय कोरिया के भारत के साथ संबंधों के प्रति सशक्त प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।
वित्तमंत्री अरूण जेटली ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरार्राष्ट्रीय संबंधों में उद्यत कोरिया एशिया और अन्य देशों के लिए लाभदायक है। वित्तमंत्री ने राष्ट्रपति मून को हितकारी बैठकों के संबंध में जानकारी दी। जेटली ने दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग, आधारभूत ढांचे में निवेश और उत्पादन में भागीदारी के लिए दोनों देशों के विशाल अवसरों के बारे में बताया। राष्ट्रपति मून ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्तमंत्री जेटली के नेतृत्व में ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों की सराहना की और कहा की उन्हें विश्वास है कि भारत शीघ्र ही विशाल आर्थिक शक्ति बनने के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कोरिया में भारत के उच्च कुशल योग्य पेशेवर की सराहना की।