भाजपा के खिलाफ संसद के अन्दर और बाहर जारी रहेगी लड़ाई: मायावती

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ई.वी.एम.) में धांधली का आरोप लगाते हुए प्रदेश के सभी 75 ज़िला मुख्यालयों तथा अन्य राज्यों के मुख्यालयों पर मंगलवार को ’’विरोध दिवस’’ मनाते हुये धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड में भाजपा को मिली जीत के पीछे ईवीएम में गड़बड़ी का अपना आरोप दोहराया।
पार्टी अध्यक्ष मायावती ने कहा कि चुनाव परिणाम 11 मार्च को घोषित किये गए थे, इसलिए उनकी पार्टी आज की तारीख में विरोध दिवस मनाया। उन्होंने कहा कि वोटिंग मशीन के जरिए भाजपा द्वारा की गयी चुनावी धांधली के विरूद्ध राजनीतिक लड़ाई के साथ-साथ न्यायालय में भी लड़ाई लड़ी जा रही है, क्योंकि भाजपा के इस प्रकार के नापाक कृत्य से देश के लोकतंत्र को ही सीधे तौर पर खतरा पैदा हो गया।

उन्होंने कहा कि ख़ासकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की सत्ता की भूख के कारण ना केवल उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड में लोकतंत्र की हत्या की गयी है बल्कि गोवा व मणिपुर राज्यों में भी सत्ता व धन का जबर्दस्त दुरुपयोग करके वहां के जनादेश को भी कुचलने का काम किया गया है। इन सबके विरुद्ध संसद के अन्दर और बाहर दोनों जगह लड़ाई जारी रहेगी।

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि भाजपा के लोग पहले बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों के धनबल पर राजनीति करते थे, लेकिन अब वह इसके साथ-साथ सत्ता का भी दुरुपयोग करके देश में लोकतंत्र की हत्या करने पर भी उतारू हो गये हैं। उन्होंने कहा कि इसका ज़ोरदार विरोध किया जाना हर स्तर पर बहुत जरूरी है वर्ना देश की सभी आमजनता को ये लोग अपना गुलाम व लाचार बनाकर फिर देश का जबरदस्त नुकसान कर देंगे। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही मुट्ठी भर पूंजीपति लोगां को छोड़कर समाज के सभी वर्गों के लोगों को आज़ादी व आत्म-सम्मान के साथ जीने के उनके संवैधानिक हक से भी वंचित कर दिया जायेगा।

मायावती जी ने कहा कि भाजपा का चाल, चरित्र व चेहरा हमेशा ही गरीब, मजदूर, किसान, दलित, पिछड़ा व धार्मिक अल्पसंख्यक-विरोधी रहा है और इन मामलों में अब भाजपा सरकारों का दोमुही व्यवहार भी काफी उभर कर देश की आमजनता के सामने पूरी तरह से बेनकाब हुआ है, जिससे समाज में हर स्तर पर बिखराव व तनाव व्याप्त है जो गम्भीर चिन्ता की बात है।