जानिए कहां फतवे में बेटी को वासना से चूमना ठहराया जायज?

हमारे समाज में पिता और पुत्री के रिश्ते को पवित्रता की नजरों से देखा जाता है। एक ऐसा रिश्ता जो निर्मलता की मिसाल कायम करता है, लेकिन जब इस रिश्ते को लेकर अजीब से सवाल उठाए जाएं, तो सवाल और बवाल दोनों सिर उठाने लगते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है तुर्की में जहां धार्मिक मामलों की संस्था दियानेत ने पिता और पुत्री के रिश्ते को लेकर एक अजीबोगरीब फतवा जारी किया है।

Fatwa

दियानेत की ओर से जारी किए गए फतवे में कहा गया है कि पिता का पुत्री को कामुक भाव से चूमना जायज है। यह फतवा एक इस्लामी अनुयायी के जवाब में दिया गया था। इस फतवे में कहा गया कि यदि एक पित्रा पुत्री को कामुक भाव से चूमता है तो वह गलत नहीं होगा साथ ही उसके वैवाहिक जीवन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बशर्ते लड़की की उम्र 9 वर्ष से ज्यादा हो।

वहीं एक दूसरे फतवे में संस्था की ओर से कहा गया कि अगर लड़का-लड़की का रिश्ता पक्का हो जाए तो वह शादी से पहले एक दूसरे से मिलजुल नहीं सकते हैं। इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता है।

हालांकि दियानेत के इस फतवे के बाद दुनियाभर में उसकी किरकिरी हो रही है। यह मामला अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। इतना ही नहीं खुद तुर्की में जहां लोग इस संस्था के फतवे के खिलाफ कभी आवाज नहीं उठाते हैं वहीं इसका विरोध हो रहा है।

क्या है दियानेत:-

तुर्की जोकि एक इस्लामी देश है दियानेत वहां की एक प्रतिष्ठित संस्था है। दियानेत के लोगों को समाज में बेहद सम्मानजनक स्थिति में देखा जाता है। देश का कोई भी धार्मिक मामला हो दियानेत ही उसका निपटान करती है। यहां मौजूद सभी मस्जिदें भी इसी संस्था के नियंत्रण में रहती हैं। ऐसा कहा जाता है कि दियानेत की ओर से जारी किया गया कई भी फतवा यहां के नागरिकों के लिए सर्वोपरि होता है। कोई भी शख्स इसके खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं करता है।