सरकारी जाल में परेशान है किसान

फतेहपुर। किसान मजदूरी करके अपने खेत में अनाज के लिए बीज बोता हैं। यह सोच कर की अच्छी फसल होगी। और उसके पीछे उसके सपने होते हैं। की अपना कर्ज उतारना हैं। तो किसी को अपनी बेटी की शादी करना हैं। फसल काटने के बाद सरकारी समितियों के चक्कर लगा लगा कर थकने के बाद वह अपने हालातो से समझौता कर लेता है। जिसका पूरा फायदा बिचौलिये उठाते हैं।

खरीद केन्द्रों में किसान की जगह बिचौलियो का बोल बाला होता है। जो किसानों से अपने अनुसार रेट देकर धान खरीद लेते हैं। फिर सरकारी समितियो में सांठ गांठ करके सरकारी रेट में धान बेचकर धन कमा लेते हैं । गरीब किसान गरीब ही बना रह जाता हैं।

यही नजारा फतेहपुर जिले के असोथर धान केन्द्र का है। जहां इन दिनों हाल बुरा हैं, वहां पर कुन्टलों धान बाहर खुले आसमान के निचे पड़ा हुआ है। अगर इन्द्र देवता की कृपा हो जाए तो शायद यह पूरा का पूरा धान भीगने से कोई रोक नहीं सकता। यही नहीं यहां पर पशु से लेकर कुत्तो को भी खुली आज़ादी हैं। जहां चाहे वह अपना मुँह मार सकते हैं। इनको कोई रोकने वाला नहीं।

भगवान भरोसे चल रहा है यह केन्द्र और किसानों का धान। सब से बड़ी बात तो यह है की यहाँ पर बिचौलियों ने अपना कब्जा कर रखा है। हमारी टीम जब केन्द्र के अंदर गयी तो बहुत से बिचौलिये वहां से भाग निकले। मगर दो चार हमारे कैमरे से नहीं बच सके और उनसे जब पूछा गया तो अपने को किसान बताने लगे। वहां पर एक किसान नहीं मिला , जब इस बारे में धान केन्द्र के प्रभारी अनूप कुमार सिंह से बात की गयी तो उन्होंने मंडी में सुचारू व्यवस्थाओं की पूर्ण रूप से होने की बात कही।

मुमताज़ अहमद इसरार, संवाददाता