किसानों ने किया राष्ट्रीय राजमार्ग जाम : मेरठ

मेरठ। मध्य प्रदेश में किसानों के आंदोलन के बाद किसानों में गुस्सा बढ़ रहा है जिसको लेकर अब राष्ट्रव्यापी राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने का भारतीय किसान महासंघ ने एलान किया था जिसके बाद आज मेरठ के भारतीय महासंघ किसान के बैनर तले मेरठ के छोटे मवाना किसानों ने जाम लगया लगभग 30 से 60 मिनट जाम लगाया ।

छोटे मवाना में किसानों ने जाम लगाया किसानों का मानना है की लगातार किसानों का शोषण हो रहा है सरकार किसानों की नही सुन रही है मध्यप्रदेश में भी किसानों के साथ सरकार ने उनकी परेशानियों को अनदेखा किया है। किसानों का कहना है की लगातार किसान अपनी फसल के मूल्य को लेकर परेशान है और देश का किसान लाभकारी मूल्य नही मिलने की वजह से दिशाहीन हो चला है प्रदेश सरकार की नीतियों की वजह से किसानों के साथ आर्थिक मजबुरियां आ खड़ी हुई है जिस वजह से किसान आत्महत्या कर रहा है। किसान अपने बच्चों की ठीक समय से पढ़ाई नही करवा पा रहा है शादी नही करवा पा रहा है किसान रात दिन परेशान होने के बाद भी या यूं कहें कि रात दिन खेती में समय देने के बाद भी किसान अपने आर्थिक हालातों को नहीं सुधार पा रहा है जिस की असली वजह सरकार की नीतियां हैं किसानों का कहना है कि जब सरकार BJP की बनी थी उससे पहले तमाम तरह के किसानों को लेकर वादे किए गए थे किसानों का ऋण मुक्त करने की बात कही गई थी लेकिन अब उसके ऊपर किसानों की जो कर्ज माफी की सरकार की योजना है।

उसके ऊपर भी कंडीशन लगा दी गई है जिस वजह से किसानों का ना तो कर्ज माफ हुआ है और ना ही किसानों की आर्थिक आधार सुधरे हैं किसानों का कहना है स्वामीनाथन आयोग की जो रिपोर्ट सरकार को सौंपी गई थी वह बिना विलंब के लागू की जाए और साथ ही लोकसभा और विधानसभा में किसानो की स्थिति सदस्यता हो और आरक्षण सुनिश्चित हो और साथ ही किसानों का जो मुद्दा है उनका उसने यह भी एक नया मामला है उनका कहना है कि चुनावी खर्च पर पूर्ण रुप से प्रतिबंध लगाया जाए।

आज के इस किसानों के राष्ट्रीय राजमार्ग जाम में बात करें तो यह उतना दमदार नही रहा जितनी उम्मीद की जा रही थी क्योंकि लगभग लगभग मुश्किल से 50 किसान आज इस काम को करने में शामिल रहे लेकिन उन किसानों ने किसानों की समस्याओं को अपनी समस्या माना और उनका साथ देते हुए यहां पर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया । काफी देर तक किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की ओर अपना मवाना तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।