पैसेंजर ट्रेन के बदले भोले भक्तों को दिया जा रहा एक्सप्रेस का टिकट

रांची। झारखंड राज्य के देवघर जिले में अवस्थित बाबा भोले भंडारी के दर्शन करने देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु प्रत्येक सावन मास में आते हैं, लेकिन इस वर्ष यात्रियों को रेलवे की मनमानी की वजह से कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। देवघर में जलाभिषेक के उपरांत भक्त दुमका जिले के बासुकीनाथ में शिवलिंग पर जलार्पण करते हैं। इस बीच झारखंड के दुमका जिले से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की शिकायत है कि बासुकीनाथ रेलवे स्टेशन से उन्हें जसीडीह स्टेशन तक का टिकट नहीं मिलता है।

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काउंटर पर मंजिल पूछकर वहां तक का टिकट दिया जाता है। बहुत सारे ऐसे कांवरिएं हैं जो जसीडीह के बाद कम खर्च में पैसेंजर ट्रेन से सफर कर अपनी मंजिल तक पहुंचना चाहते हैं। लेकिन बासुकीनाथ से एक्सप्रेस ट्रेन का टिकट दिया जाता है। इस बाबत पूछे जाने पर स्टेशन मास्टर का कहना है कि कांवरियों की सुविधा के लिए उनका गंतव्य पूछकर टिकट दिया जाता है। इससे उन्हें जसीडीह स्टेशन पर टिकट लेने के लिए फिर से लंबी लाइन में लगना नहीं पड़ेगा। स्टेशन मास्टर भले ही इसे कांवरियों की सुविधा से जोड़कर देख रहे हैं, लेकिन इतना तो सच है कि एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेन के किराए में दोगुना का फर्क होता है। ऐसे में उसका वहन श्रद्धालुओं को ही करना पड़ता है।

श्रद्धालु विनोद पाण्डेय (मुजफ्फरपुर-बिहार) संतोष कुमार (दरभंगा-बिहार) सुनील कुमार (रांची-झारखंड) आदि का कहना है कि जसीडीह का टिकट मांगने पर उन्हें टिकट नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में उन्हें आर्थिक रूप से नुकसान हो रहा है। वहीं इस बारे में बासुकीनाथ स्टेशन मास्टर ने कहा कि वह श्रद्धालुओं को ऐसी सुविधा इसलिए दे रहे हैं, ताकि उन्हें जसीडीह जाकर परेशानी न उठानी पड़े। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को डायरेक्ट उनके गंतव्य तक की टिकट सुविधा दी जा रही है।