क्या व्यायाम से संभव है कैंसर का इलाज

टोरंटो। व्यायाम शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखता है, लेकिन व्यायाम के फायदे इससे बहुत ज्यादा हैं। व्यायाम न केवल शरीर को रोगों की चपेट में आने से रोकता है, बल्कि यह कई चिकित्सा में भी मददगार है। अब व्यायाम के फायदों में एक नया अध्याय जुड़ने वाला है। एक नए शोध में प्रोस्टेट कैंसर पीड़ितों पर नियमित व्यायाम के प्रभावों का आकलन किया जा रहा है। पहली बार अंतर्राष्ट्रीय नैदानिक चिकित्सा परीक्षण से प्रोस्टेट कैंसर से ग्रस्त पुरुषों के जीवन गुणवत्ता में सुधार के लिए तीव्र शारीरिक व्यायाम के प्रभावों का मूल्यांकन किया जा रहा है।

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युनिवर्सिटी ऑफ मांट्रियल रिसर्च सेंटर (सीआरसीएचयूएम) के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉक्टर फ्रेड साड मानते हैं कि शारीरिक व्यायाम कैंसर पर सीधा प्रभाव डाल सकता है। यह दवाओं की ही तरह प्रभावी होकर प्रोस्टेट कैंसर रोगियों के इलाज और यहां तक कि रोग में मददगार हो सकता है।

मेटास्टेसिस (कैंसर का प्रसार) के दौरान रोगियों की जीवनशैली ज्यादातर सुस्त हो जाती है, जिसके पीछे धारणा होती है कि इससे कैंसर की प्रगति प्रभावित होगी।

ऑस्ट्रेलिया की एडिथ कोवान युनिवर्सिटी के अंतर्गत एक्सरसाइज मेडिसिन इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर रॉबर्ट न्यूटन के साथ मिलकर डॉक्टर फ्रेड डॉ ने वह पहला अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन किया है, जो बताता है कि व्यायाम वास्तव में मेटास्टेटिक प्रोस्टेट कैंसर रोगियों के जीवन को बढ़ाने में मददगार है।

यह शोध आयरलैंड और ऑस्ट्रेलिया में शुरू हो चुका है। आने वाले सप्ताहों में पूरे विश्व के 60 अस्पताल रोगियों की भर्ती शुरू कर देंगे। प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित कुल 900 पुरुष इस परीक्षण में भाग लेंगे।

इस शोध के पीछे की परिकल्पना यह है कि व्यायाम कैंसर की प्रगति पर सीधा प्रभाव डालने के साथ ही रोगियों को अधिक बेहतरी से जटिल चिकित्सा थैरेपी बर्दाश्त करने की क्षमता प्रदान करता है।