रियो में हर मैच किसी चुनौती की तरह था : सिंधु

नई दिल्ली। रियो ओलम्पिक में रजत पदक जीतकर लौटीं महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी. सिंधु ने सोमवार को कहा कि रियो में हर मैच उनके लिए किसी चुनौती की तरह था। सोमवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों देश का सर्वोच्च खेल पुरस्कार ‘राजीव गांधी खेल रत्न’ ग्रहण करने वाली सिंधु ने रियो ओलम्पिक की महिला एकल वर्ग स्पर्धा के फाइनल तक का सफर तय किया, जहां उन्हें सर्वोच्च विश्व वरीयता प्राप्त स्पेन की कैरोलीना मारिन के हाथों हार झेलनी पड़ी थी। विश्व वरीयता में 10वें पायदान पर मौजूद सिंधु ने कहा, “रियो में मेरे लिए हर मैच किसी चुनौती जैसा था।

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हर मैच से पहले अपने कोच पुलेला गोपीचंद से मैं मैच रणनीति पर खूब बात करती थी।” सिंधु की लंबाई पांच फिट 10 इंच है और अपनी अधिकतर समकक्ष महिला खिलाड़ियों की अपेक्षा वह काफी लंबी हैं, लेकिन सिंधु ने इसे किसी बैडमिंटन खिलाड़ी के लिए विशेष लाभ की तरह नहीं देखा। सिंधु ने कहा, “एक बैडमिंटन खिलाड़ी के लिए लंबाई का बहुत महत्व नहीं होता।” सिंधु के कोच पुलेला गोपीचंद के मार्गदर्शन में ही लंदन ओलम्पिक में कांस्य पदक दिलाने वाली देश की स्टार महिला खिलाड़ी सायना नेहवाल और चीन ओपन सुपरसीरीज खिताब जीतने वाले पुरुष खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने इन ऊंचाइयों को छुआ।

गोपीचंद ने सिंधु के कोर्ट पर दिखाए गए रवैये पर खुशी व्यक्त की और कहा, “कभी-कभी वह बेहद भावुक हो जाती है, लेकिन प्रशिक्षण के दौरान और खेल के दौरान कोर्ट पर उसका रवैया शानदार होता है।” गोपीचंद ने कहा, “बतौर एक कोच मुझे सिंधु में कोई कमी नजर नहीं आती।”