यूरोपीय संघ ने लगाया गूगल पर 17 करोड़ का जुर्माना

नई दिल्ली। यूरोपीय संघ ने दिग्गज कंपनी गूगल पर 2.4 अरब यूरो यानि करीब 17,400 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड जुर्माना लगाया है। यूरोपियन यूनियन का आरोप है कि गूगल इंटरनेट सर्च का दुरुपयोग कर रहा है और इसके जरिए उसकी नई शॉपिंग सर्विस को फायदा पहुंचा रहा है। इसलिए गूगल पर 17 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। यूरोप का आरोप है कि गूगल उसके बाजार पर कब्जा जमा रहा है।

यूरोपीय मीडिया रिपोर्ट मुताबिक यूरोपीय संघ के अधिकारी आने वाले हफ्तों में गूगल को उसके बाजार पर कब्जा जमाने का दोषी ठहरा सकते हैं। गूगल के लिए यह बहुत बड़ा झटका है, कंपनी पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नाराजगी झेल रही है और अब कंपनी पर भरोसे के हनन के लिए यह जुर्माना लगाया गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही गूगल कंपनी से नाराज चल रहे हैं और उसके बाद गूगल पर ये नई मुसीबत कि उस पर यूरोपीय संघ ने आने वाले समय में उसकी कपनी पर कब्जा करने का आरोप लगाया है और साथ ही 17 करोड़ का जुर्माना भी लगाया है।

गूगल पर पहली बार लगा इतना बड़ा जुर्माना

यूरोपियन कंप्टीशन कमीशन चीफ मार्गरेथ वेस्‍टगेर ने कहा कि गूगल ने दुनिया का सबसे लोकप्रिय सर्च इंजन होने के नाते अपने बाजार वर्चस्‍व का गलत इस्‍तेमाल किया और अपनी ही शॉपिंग सर्विस को अवैध लाभ पहुंचाया। वेस्‍टगेर ने एक बयान में कहा कि गूगल ने जो किया वह ईयू के एंटीट्रस्‍ट नियमों के तहत अवैध है। इसने अन्‍य कंपनियों को मेरिट और इनोवेशन के आधार पर कंप्टीशन करने का अवसर देने से रोक दिया है।

इस तरह के मामलों में यह जुर्माना एक रिकॉर्ड है। इससे पहले अमेरिकी चिप कंपनी इन्टेल पर 1.06 अरब यूरो का जुर्माना लगाया गया था। करीब एक साल पहले वेस्टेगर ने दुनिया और अमेरिका को झटका देते हुए आईफोन कंपनी एपल को आयरलैंड में 13 अरब यूरो के टैक्स के फिर से भरने का आदेश दिया था।