एक अपराधी को पकड़ने में जुटी पुलिस की पूरी फौज

जयपुर। वैसे तो अपराधी को पकड़ने के लिए एक दो या फिर तीन पुलिसकर्मी आपने सुने होंगे लेकिन राजस्थान का एक ऐसा अपराधी है जिसके पीछे एक या दो नहीं बल्कि पुलिस की पूरी फौज लगी है। दरसल, 3 सितम्बर 2015 यानि कि आज से ठीक एक साल पहले के दिन सींखचों में बंद अपराधी पुलिस को चकमा देकर गिरफ्त से भाग गया और ये अपराधी कोई और नहीं प्रदेश का इस समय का सबसे बड़ा अपराधी आनंदपाल है।

anandpal

इस घटना को आज एक साल पूरा हो चुका है लेकिन आनंदपाल नाम का ये अपराधी आज भी खुले आसमान के नीचे अपनी जिंदगी बिता रहा है। दिलचस्प बात तो ये है कि इस अपराधी को पकड़ने के लिए प्रदेश की पूरी पुलिस टीम जुटी है जिसमें 12 से ज्यादा आईपीएस ऑफिसर शामिल है लेकिन फिर भी ये लोग मिलकर एक अपराधी को नहीं पकड़ पाए। खबरों के अनुसार इस पूरे मामले को लेकर अभी तक आनंदपाल के 50 से ज्यादा गुर्गों को दबोच चुकी है जिसमें आनंदपाल के कुछ करीबी गुर्गे भी शामिल है।

गौरतलब है कि जसवंतगढ़ थाने के गांव सांवराद का रहने वाले आनंदपाल पर फिरौती मांगने, धमकी देने व हत्या के अब तक 31 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और इसके 200 से ज्यादा गुर्गे हैं। आनंदपाल का नाम 2006 में डीडवाना में जीवनराम गोदारा हत्याकांड के दौरान चर्चा में आया था जिसके बाद से ये गैंगस्टर बन गया। आनंदपास की 2012 में जयपुर के पास गिरफ्तारी हुई थी तब इसके पास से बुलेटप्रुफ जैकेट और एके 47 राइफलें मिली थीं। पिछले साल 3 सितंबर 2015 में पुलिस पर हमला कर आनंदपाल भाग गया था और अब तक फरार है। इसके साथ ही आनंदपाल के ऊपर 5 लाख रुपए का इनाम भी रखा गया है।