खत्म हुई आर.के स्टूडियो की यादें, आग में जलकर खाक हुआ दशकों पुराना सफरनामा

नई दिल्ली। बीते शनिवार का दिन फिल्मी दुनियां के नायाब स्टूडियो के लिए भारी पड़ गया। भारतीय फिल्म जगत में अमूल्य सितारों ने मिलकर जिस स्टूडियो को बनाया था वह जलकर खाक हो गया। ये स्टूडियो कोई दूसरा नहीं बल्कि चर्चित आर.के स्टूडियो है। जिसको शनिवार को आग की लपटों में इस कदर जला कि अपने साथ बीते जमाने की सारी यादों को खाक में मिला गया। हांलाकि इस दौरान किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। स्टूडियो में लगी आग को बुझाने के लिए दमकल की 6 गाड़ियां लगी थी।

बताया जा रहा है कि आग बेसमेंट में लगी इसके बाद यहां पर सूटिंग होने के लिए लगे सुपर डांस सीजन-2 के सेट पर आग फैल गई पूरा सेट जल गया। इसके साथ ही स्टूडियों में ये आग पूरी तरह से फैल कर वहां रखे कई सामानों तक जा पहुंची जो कि पूरी तरह से जलकर खाक हो गए। इस घटना पर स्टूडियो की देख-रेख की जिम्मेदारी संभाल रहे ऋषि कपूर ने ट्वीट कर अपना दुख व्यक्त किया है। उन्होने कहा है कि स्टूडियो 1 का सेट जल गया है। स्टूडियो को फिर से बनाया जा सकता है। लेकिन वहां रखी पुरानी यादों को नहीं लाया जा सकता है।

मुंबई में चेंबूर में स्थापित ये स्टूडियो राजकपूर ने सन 1948 को स्थापित किया था। राजकूपर के 1988 में देहान्त के बाद इसकी जिम्मेदारी पहले उनके बड़े बेटे रणधीर कपूर संभाल रहे थे। इस स्टूडियो में आर.के बैनर के तले कई बड़ी और मील का पत्थर साबित होने वाली फिल्मों का निर्माण हुआ है। जैसे बरसात, आवारा, श्री 420, जिस देस में गंगा बहती है, मेरा नाम जोकर, बॉबी, सत्यम शिवम् सुंदरम्, राम तेरी गंगा मैली यहां पर अंतिम फिल्म के तौर पर ऋषिकपूर द्वारा निर्देशित फिल्म आ अब लौट चलें बनी थी।

मुंबई फायर ब्रिगेड के अनुसार ये आग दोपहर में ढाई बजे के आस-पास लगी थी। जिस पर शाम तक काबू पा लिया गया था, अब केवल इमारत को ठंडा करने का काम चल रहा है। हांलाकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। इस स्टूडियो में राज कूपर के खानदान में उनके भाई और बच्चों ने दशकों तक काम किया है। लेकिन अब इस स्टूडियो में लगी आग ने सभी यादों को खत्म कर दिया है।