सरकारी एंबुलेंस में आराम फरमा रहे कर्मचारी, सवालों में स्वास्थ्य सेवा

हरदोई। यूपी सरकार द्वारा स्वास्थ्य व्यवस्था को सही करने के लिए जिले के जिला अस्पताल को दो एंबुलेंस सुविधा लैस होकर जिला अस्पताल को भेजी गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेवा शुरू की है अब ऐसे में एंबुलेंस तो जिले पर पहुंच चुकी है लेकिन इन एंबुलेंस में सीएमओ का हस्तक्षेप से ही इसे ले जाया जा सकता है। ऐसे में यदि रात्रिकालीन सीएमओ का फोन नहीं उठता है तो यह एंबुलेंस नहीं जा सकती ऐसे में बड़ा सवाल यह है क्या सीएमओ रात मैं फोन उठा पाएंगे या एक बड़ा सवाल है।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा लगातार स्वास्थ्य सेवा बेहतर करने के लिए बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन क्या सरकार के सरकारी नुमाइंदे उनके इरादों पर खरे उतर पाएंगे यह सोचने वाली बात होगी वैसे तो स्वास्थ्य विभाग में सारी व्यवस्थाएं हैं। हकीकत कुछ और ही है एंबुलेंस तो है लेकिन उनका संचालन करने के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है। खास बात यह है की जो एंबुलेंस से अभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रत्येक जिले में भेजी गई है। उनकी व्यवस्था पूर्ण तरीके से नहीं हो पा रही है। क्योंकि यदि मरीज रात के वक्त कोई ले जाना पर एंबुलेंस तो पहले सीएमओ साहब का आदेश लेना पड़ेगा और फिर यदि सीएमओं​ साहब का फोन नहीं मिलता है तो एंबुलेंस सेवा नहीं मिल पाएगी।

क्योंकि यह सेवा सीएमओ साहब के कहने पर ही चलेगी अब सवाल यह उठता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ है इसके लिए अलग से कोई व्यवस्था क्यों नहीं की जो इस का रिमोट कंट्रोल का काम करती नहीं तो यह मरीज यूं ही भटकते रहेगे।

 आशीष सिंह, संवाददाता